हार्डकोर नक्सली कोल्हा यादव चढ़ा पुलिस के हत्थे, कई वर्षों से पुलिस को थी तालाश

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">जमुई&lpar;अंजुम आलम&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> चर्चित चिलखारी नरसंहार में संलिप्त नक्सली कोल्हा यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जिसकी तालाश पुलिस को कई वर्षों से थी। कोल्हा यादव को एसएसबी कैम्प चरकापत्थर&comma; चरकापत्थर थाना पुलिस एवं गिरिडीह के भेलवाघाटी थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बिशनपुर गांव से गुरुवार को गिरफ्तार किया है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जो पुलिस के लिए बड़ी कामयाबी मानी जा रही है और नक्सलियों के लिए बड़ा झटका है। बताया जाता है कि नक्सली कोल्हा यादव के चरकापत्थर थाना अंतर्गत बिशनपुर गांव में होने की सूचना पुलिस को मिली थी। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिसके बाद 16 वीं वाहिनी एसएसबी चरकापत्थर के सहायक कमाण्डेन्ट आशीष वैष्णव&comma; चरकापत्थर थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार एवं भेलवाघाटी थाना प्रभारी अबधेश कुमार ने नक्सली कोल्हा यादव के घर पर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे थाना चरकापत्थर से भेलवाघाटी थाना लाई&comma; जहां सख्ती से पूछताछ की जा रही है।कोल्हा यादव की गिरफ्तारी से पुलिस को नक्सल से संबंधित कई अहम सुराग मिल सकते हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>गौरतलब हो कि 26 अक्टूबर 2007 की रात भाकपा माओवादियों ने गिरिडीह के चिलखारी फुटबाल मैदान में बीस लोगों को गोली मारकर हत्या कर दी थी&comma; जिनमें झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरंडी के पुत्र अनूप मरंडी भी शामिल थे। जिसमें कोल्हा यादव की भी संलिप्तता सामने आई थी।दरअसल चिलखारी में फुटबाल टूर्नामेंट के फाइनल के दिन आदिवासी यात्रा कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इसमें मुख्य अतिथि बाबूलाल मरंडी के अनुज नुनूलाल मरंडी थे। यात्रा कार्यक्रम के दौरान सोरेन आपेरा के कालाकारों का कार्यक्रम जारी था। इस दौरान भाकपा माओवादियों का दस्ता कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर मंच को कब्जे में ले लिया। कोई कुछ समझ पाता इससे पहले ही पुलिसिया वर्दी में माओवादी मंच पर चढ़ माइक से नुनूलाल मरांडी को सामने आने की चेतावनी दी और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अगली पंक्ति में बैठे अनूप मरांडी&comma; सुरेश हासंदा&comma; अजय सिन्हा&comma; आयोजक मनोज किस्कू&comma; मुन्ना हेम्ब्रम चर्कू हेम्ब्रम&comma; केदार मरांडी&comma; अनिल अब्राहम मरांडी&comma; उस्मान अंसारी&comma; सुशील मरांडी समेत बीस लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी।<&sol;p>&NewLine;

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