फ्लैट खरीददार ने किया रुक्मणी बिल्डटेक पर धोखाधड़ी व जबरन उगाही का मुकद्दमा

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पटना&lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> संपतचक प्रखंड के &lpar;भोगीपुर&rpar; एकतापुरम मे निर्माणाधीन छ्त्रपति शिवाजी ग्रीन्स अपार्टमेन्ट &lpar;ब्लाॅक ए०&comma; ए०-1&comma; बी०&comma; बी०-1&comma; सी०&comma; डी०&comma; ई०&comma; और एफ०&rpar; परिसर मे रूक्मणी बिल्डटेक से फ्लैट के खरीददार हरनौत निवासी अभिषेक कुमार सिंह ने आज बिल्डर पर धोखाधड़ी एवं जबरन पैसा वसुली का अपराधिक मुकद्दमा दर्ज करवाया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस संदर्भ मे जानकारी देते हुए पटना के वरीय अधिवक्ता विजय भानू उर्फ पुटटु बाबू ने कहा कि आज मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी&comma; पटना&comma; श्री बिजय किशोर सिंह के कोर्ट मे हमारे पीड़ित फ्लैट खरीददार हरनौत निवासी अभिषेक कुमार सिंह के द्वारा रुक्मणी बिल्डटेक लिमिटेड के साथ-साथ इसके प्रबंध निदेशक- अजीत आजाद&comma; निदेशकगण- रेणू आजाद&comma; अमित कुमार चौबे&comma; मानब कुमार सिंह&comma; राजीव कुमार ठाकुर एवं प्रबंधक सह अकाउंटेंट कमलेश कुमार &lpar;कुल 7 लोगो&rpar; पर भारतीय दण्ड विधान के तहत धारा- 406&comma; 420&comma; 467&comma; 468&comma; 471&comma; 384&comma; 323&comma; 341&comma; 504&comma; 506&comma; 120बी&sol;34 के तहत गुहार लगाते हुए अपराधिक मुकद्दमा दर्ज कराया गया है&ast;। जिसकी अगली सुनवाई की तिथि 29 मार्च को सुनिश्चित है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पीड़ित फ्लैट खरीददार के अधिवक्ता विजय भानू उर्फ पुट्टु बाबू ने आगे कहा कि रुक्मणी बिल्डटेक के निदेशको ने जहां एक ओर जालसाजी व धोखाधड़ी कर योजनाबद्ध तरीके से बगैर जमीन मालिक के हस्ताक्षर के ही फ्लैट को रजिस्ट्री कर दिया जो कि गैर कानूनी है&comma; बिल्डर के इस गैरकानूनी व्यवहार से फ्लैट खरीददार को जमीन का मालिकाना हक पाना मुश्किल है। वही दुसरे ओर बिल्डर के निर्देश पर मैनेजर सह अकाउंटेंट कमलेश कुमार गिरोह बनाकर जबरदस्ती &lpar;मेंटेनेंस&rpar; रखरखाव का पैसे वसूलता है और बिरोध करने व पैसे देने से इंकार करने पर जान से मारने की धमकी भी देता है। जबकि सरकारी नियमानुसार निर्माणाधीन अपार्टमेन्ट मे रखरखाव के संपूर्ण दायित्व का निर्वहन बिल्डर को स्वयं के खर्चे पर करना होता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मालूम हो कि लगभग 12 दिसंबर 22 को ही पटना उच्च न्यायालय के आदेश पर गठित आर्बिट्रेटर अवकाशप्राप्त जस्टिस वी॰ एन॰ सिन्हा ने रुक्मणी बिल्डटेक पर 22 करोड का जुर्माना लगाया है तथा 9 मार्च 23 को पटना के एक न्यायालय ने इस परिसर मे बिल्डर को फ्लैट&sol;दुकान को विक्री &&num;8211&semi; पुनरविक्री&comma; किराया- दरकिराया तथा लीज करने पर रोक लगा दिया है।<&sol;p>&NewLine;

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