विकसित खेती को अपनाएं किसान : अभयानंद

<p><span style&equals;"font-family&colon;sans-serif&semi;font-size&colon;12&period;8px&semi;font-style&colon;normal&semi;font-weight&colon;400&semi;letter-spacing&colon;normal&semi;text-transform&colon;none&semi;float&colon;none&semi;text-align&colon;left"><strong>फुलवारीशरीफ&lpar;अजित यादव&rpar;&colon;<&sol;strong> फुलवारीशरीफ प्रखंड के महंगुपुर गांव में रविवार को किसान संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें क्षेत्र के दर्जनों किसानों ने भाग लिया। बिहार के पूर्व डीजीपी अभयानंद इस किसान संवाद में मुख्य अतिथि एवं उनकी पुत्री ऋचा रंजन विशिष्ट अतिथि के रुप में शामिल हुयी। किसान संवाद को संबोधित करते हुए अभयानंद ने कहा कि आधुनिक भोजन एवं दिनचर्या ही बीमारी का मुख्य कारण है। अपने पूर्वजों के हजारों वर्ष पुराने किसानी प्रयोगशाला के अनुभवों को छोड़ कुछ दिनों एवं हफ्तों के प्रयोगशाला में विकसित खेती-बाड़ी के गुर को अपना रहे हैं। जो हमारे स्वास्थ्य के प्रतिकूल है। ऋचा रंजन ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि बीज आपका शिशु है संरक्षण आपका दायित्व है रिचा ने अपने शोध के आधार पर पारंपरिक खेती एवं जीवन शैली को अपनाने पर बल दिया। साथ ही बाजार में बिकने वाले हेल्थ ड्रिंक&comma; समुद्री नमक विदेशी नस्ल की गायों की दूध चीनी गेहूं एवं रासायनिक उर्वरको व कीटनाशको को आधुनिक खेती को अस्तित्व के लिए खतरा बताया। इस बैठक में विजय शर्मा समाजसेवी&comma; शिक्षक नेता राजेश्वर प्रसाद सिंह एवं किसान सलाहकार समिति के सदस्य शामिल<&sol;span> रहे।<&sol;p>&NewLine;

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