रुपये निकासी के बाद भी यात्री शेड का काम पूरा नहीं, कई वर्षों से अटका है निर्माण, लोग परेशान

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>भरगामा&sol;अररिया&comma; रंजीत ठाकुर<&sol;strong> विभागीय अधिकारियों की अनदेखी की वजह से भरगामा प्रखंड क्षेत्र के सिरसियाकला पंचायत के कदम चौक के पास बने यात्री शेड का निर्माण कार्य कई वर्षों से अटका हुआ है। जिसके वजह से यात्रियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसको लेकर शनिवार को स्थानीय ग्रामीण कमल झा&comma;राहुल कुमार&comma;अनुरुद्ध झा&comma;खीखर मंडल&comma;हीरो राम&comma;गौरव झा&comma;सुबोध कुमार आदि लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी इस यात्री शेड का कोई उपयोग नहीं है। बताया गया कि इस यात्री शेड की पूरी राशि लगभग चार साल पहले हीं निकासी कर ली गई है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>लेकिन अभी तक इस यात्री शेड का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। यात्री शेड न बनने से यात्री मौसमी मार झेलने को विवश हैं। ग्रामीणों ने पूछने पर बताया कि ये यात्री शेड अगर यात्रियों की सुविधा के ख्याल से बनाया गया होता तो इस यात्री शेड को सिर्फ और सिर्फ छह टेढ़े-मेढ़े खंभे पर खड़ाकर छोड़ नहीं दिया जाता। बल्कि मानक के अनुरूप यात्री शेड का निर्माण कार्य पूर्ण कराया जाता। यानी कि जिस उद्देश्य से इस यात्री शेड को बनाया गया है उस उद्देश्य को पूरा करता नहीं दिख रहा है। यात्री शेड को देखने से ऐसा लगता है कि यह यात्री शेड अब किसी काम का नहीं रह गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> यह यात्री शेड अब सिरसियाकला पंचायत वासियों के दिल को चोट कर रही है। ऐसे में इस यात्री शेड को बनाने का उद्देश्य पर सवाल खड़ा हो रहा है&comma;यह सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है। इस संबंध में पंचायत सचिव सनम उरांव ने बताया कि इस यात्री शेड का निर्माण ब्लॉक से कराया गया है। मुझे इस यात्री शेड के बारे में कुछ पता नहीं है। इस संबंध में बीडीओ शशि भूषण सुमन ने बताया कि अतिशीघ्र यात्री शेड का निर्माण कार्य पूर्ण कराया जाएगा।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

बाढ़ NH-31 पर सड़क दुर्घटना के दौरान पटना यातायात पुलिस की त्वरित कार्रवाई

एलपीजी व कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ोतरी के खिलाफ पटना में विरोध, पीएम मोदी का पुतला फूंका

नितिश कुमार के पुत्र निशांत कुमार तख्त पटना साहिब नतमस्तक हुए