स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिये नियमित निरीक्षण व अनुश्रवण पर जोर

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&lpar;रंजीत ठाकुर&rpar;&colon;<&sol;strong> ग्रामीण इलाके के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं को समुचित लाभ मिले&comma; इसके लिये विभाग ने नई रणनीति तय की है। सभी पीएचसी प्रभारी को अपने क्षेत्र में अवस्थित एपीएचसी व एचडब्ल्यूसी के नियमित निरीक्षण व अनुश्रवण का आदेश दिया गया है। सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह द्वारा जारी निर्देश में स्वास्थ्य ईकाइयों की साफ-सफाई के इंतजाम&comma; दवाओं के रख-रखाव&comma; दवाओं की उपलब्धता&comma; वितरण&comma; भंडारण&comma; कर्मियों की उपस्थिति&comma; रोगियों के उपचार सहित अन्य महत्वपूर्ण इंतजाम का गहनतापूर्वक निरीक्षण सुनिश्चित कराने को कहा गया है। जारी विभागीय आदेश का सख्तीपूर्वक अनुपालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से अररिया पीएचसी प्रभारी डॉ जावेद की अध्यक्षता में स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक आयोजित की गयी। इसमें क्षेत्र में अवस्थित स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा करते हुए इसके बेहतर संचालन सुनिश्चित कराने को लेकर कारगर रणनीति पर विचार किया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक में दिये गये जरूरी निर्देश &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस संबंध में एमओआईसी अररिया डॉ जावेद ने बताया कि पीएचसी में कुल पांच चिकित्सक कार्यरत हैं। इसमें तीन एमबीबीएस व दो आयुष चिकित्सक शामिल हैं। सभी को अलग अलग क्षेत्र में निरीक्षण व अनुश्रवण का जिम्मा सौंपा गया है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में कुल छह एपीएचसी व 47 एचएससी कार्यरत हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों को स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध आधारभूत संरचना का आकलन करते हुए प्रसव सेवाओं केा विस्तारित करने की योजना है। फिलहाल क्षेत्र में छह स्थानों पर प्रसव संबंधी सेवाओं का संचालन हो रहा है। इसमें एपीएचसी ताराबाड़ी&comma; पटेंगना&comma; मदनपुर&comma; दियारी पैकटोला व संदलपुर का नाम शामिल हैं। हडिया व कुसियारगांव में प्रसव सेवा को विस्तारित करने को लेकर जरूरी पहल की जा रही है। वैसे संस्थान जहां प्रसव सेवा संचालित है। इस सेव को क्षेत्र में व्यापक पैमाने पर प्रचारित व प्रसारित करने का निर्देश सभी एएनएम व आशा कर्मियों को दिया गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी का है प्रयास &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जानकारी देते हुए सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के उद्देश्य से कुछ जरूरी निर्णय लिये गये हैं। इसका सख्तीपूर्वक अमल कराया जाना है। इसके लिये सभी एमओआईसी को जरूरी निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य ईकाइयों के निरीक्षण के क्रम में मिली कमियों का तत्काल समाधान तलाशने को कहा गया है। बाद में जिला व राज्यस्तरीय अधिकारियों के निरीक्षण में कोई खामी मिलने पर इसके लिये संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ही दोषी मानें जायेंगे। सिविल सर्जन ने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी मामलों की राज्यस्तरीय समीक्षात्मक बैठक में प्राप्त निर्देश के आलोक में सभी एएनएम को ये निर्देशित किया गया है कि वैसे स्वास्थ्य उपकेंद्र जहां भवन उपलब्ध हैं वहां स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सेवाओं का संचालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए । सभी एमओआईसी&comma; हेल्थ मैनेजर&comma; सामुदायिक उत्प्रेरक को हर सप्ताह कम कम दो बार इन केंद्रों के निरीक्षण् व अनुश्रवण का निर्देश दिया गया है।<&sol;p>&NewLine;

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