बिहार में वन्यजीव संरक्षण के साथ बढ़ेगा ईको-टूरिज्म, सीएम ने दिए समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; à¤¨à¤°à¥‡à¤¶ अग्रवाल &colon;<&sol;strong> मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में रविवार को लोक सेवक आवास स्थित &&num;8216&semi;संकल्प&&num;8217&semi; सभागार में बिहार राज्य वन्यप्राणी पर्षद की 15वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में वन्यजीव संरक्षण&comma; ईको-टूरिज्म और हरित विकास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों की समीक्षा की गई।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>ईको-टूरिज्म से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर &&num;8211&semi; मुख्यमंत्री<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देकर रोजगार&comma; निवेश और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर विकसित किए जाएं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने सभी प्रस्तावों के समयबद्ध क्रियान्वयन और नियमित निगरानी के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन से संबंधित परियोजनाओं के संचालन और रखरखाव को पी मॉडल पर विकसित करने की कार्ययोजना तैयार की जाए। पर्यटन स्थलों पर होटल-रेस्टोरेंट&comma; कैफेटेरिया&comma; ट्रैकिंग और एडवेंचर्स टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाए&comma; ताकि पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>रोहतास-दुर्गावती में ईको-टूरिज्म का होगा विस्तार<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मुख्यमंत्री ने रोहतास एवं दुर्गावती क्षेत्र में ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने और ग्रीन एनर्जी में संभावित निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाने को कहा। बांध के आसपास होटल&comma; रेस्टोरेंट और अन्य पर्यटन सुविधाएं विकसित करने के निर्देश भी दिए।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों और पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रैकिंग&comma; भ्रमण&comma; साहसिक गतिविधियों और पर्यटक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समग्र विकास योजना तैयार की जाए। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और पर्यावरण विभाग के बीच बेहतर समन्वय से विरासत और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण को गति दी जाए।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मुख्यमंत्री ने कहा&comma; &&num;8220&semi;बिहार प्राकृतिक&comma; ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों से समृद्ध राज्य है। इनके संरक्षण के साथ पर्यटन के रूप में विकास करना सरकार की प्राथमिकता है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और बिहार राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान बनाएगा।&&num;8221&semi;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>कौन रहे उपस्थित<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बैठक में पर्यावरण&comma; वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ० रामचन्द्र प्रसाद&comma; विधायक श्रीमती शालिनी मिश्रा&comma; श्री वीरेन्द्र सिंह&comma; श्री बाबू लाल शौर्य&comma; मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत&comma; प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार&comma; अपर मुख्य सचिव श्री आनंद किशोर सहित वन&comma; पर्यटन और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। कुछ सदस्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।<&sol;p>&NewLine;

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