मकर संक्रांति पर दुगोला का हुआ आयोजन, हजारों की उमड़ी भीड़

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">गया&lpar;अरुणजय प्रजापति&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> संगीत से मन को शांति मिलती है। यह सिर्फ एक मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि मानव जीवन के लिए जरूरी भी है। उक्त बातें डुमरिया के जिला परिषद प्रतिनिधि अजय कुमार दाँगी ने डुमरिया प्रखंड के सोइया धाम पर आदर्श युवा समिति सोइया धाम के द्वारा आयोजित दुगोला सांस्कृतिक कार्यक्रम के उद्घाटन के वाद उन्होंने कही। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वहीं कार्यक्रम का उद्घाटन अजय कुमार दांगी&comma; पूर्व प्रमुख रामचंद्र प्रसाद&comma; मुखिया पिंटू कुमार&comma; कार्यक्रम समिति के अध्यक्ष इंद्रजीत कुमार&comma; सचिव बिपिन बिहारी सिंह&comma; उपाध्यक्ष शिवनंदन प्रसाद दांगी सहित अन्य लोगों ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। वहीं वक्ताओं ने कहा कि संगीत सुनने से मानसिक तनाव कम होता है। यहां तक कि संगीत सुनकर बीमार व्यक्ति भी स्वस्थ्य हो जाता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>यह हमारे समाज की सांस्कृतिक है। इसे हम विलुप्त नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर हर वर्ष की भांति इस बार भी आयोजित दुगोला सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिसमें दो मंडली औरंगाबाद के व्यास सिरजानंद पांडे और झारखंड राज्य पलामू जिला अंतर्गत लेस्लीगंज के राजमुनी व्यास के बीच दुगोला मुकाबला हुआ। इस दौरान दोनों तरफ से बार ब्लॉक ने भी जमकर नृत्य कर उपस्थित दर्शकों को खूब जमाया। वहीं दर्शकों ने तालियां बजाकर दोनों कलाकारों को उत्साह बढ़ाया। देर शाम तक कार्यक्रम स्थल पर लोगों की भीड़ लगी रही।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस दौरान कई गांव से हजारों की संख्या में महिलाएं&comma; पुरुष एवं बच्चे सभी शामिल हुए। मालूम हो कि इस सोइया धाम का खासियत यह है कि सोईयां धाम भगवान भोले शंकर का विशाल मंदिर है एवं एक बड़ा सा पोखर है जिसमें सालों भर सोई चलने से पानी से पूरा तालाब लबालब रहती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> और साल के 365 दिन जल निकलता रहता है ऐसा महत्वता है कि यहां भगवान भोले शंकर की वरदान का यहां करिश्मा है। या जो भी श्रद्धालुओं सच्चे मन से श्रद्धा के साथ भगवान भोले शंकर के दरबार में पहुंचते हैं उनकी सारे मुरादे पूरी होती है। यह मंदिर चारों तरफ से हरी-भरी पहाड़ियों और पर्वतों की प्रकृति की गोद में बसा हुआ है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वही यहां साल के 14 जनवरी को मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर भव्य मेला का आयोजन किया जाता है। इसी के उपरांत में यहां पर दुगोला मुकाबला सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस मौके पर समिति के अध्यक्ष इंद्रजीत कुमार दांगी&comma; सचिव विपिन बिहारी सिंह&comma; उपाध्यक्ष शिवनंदन प्रसाद दांगी&comma; कोषाध्यक्ष गोपाल प्रसाद दांगी&comma; उप सचिव डॉ उज्जवल वर्मा&comma; बिंदु प्रसाद जिला परिषद बांकेबाजार&comma; कौशलेंद्र कुमार पिंटू कुमार मुख्य ग्राम पंचायत कुजेशर सहित अन्य सैकड़ों लोग मौजूद थे।<&sol;p>&NewLine;

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