तीन वर्षों से डॉक्टर बिहीन हॉस्पिटल, आयुष फार्मासिस्ट के सहारे चल रहा स्वास्थ्य मंत्री का सरकारी हॉस्पिटल

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">बलिया&lpar;संजय कुमार तिवारी&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> एक तरफ यूपी में योगी सरकार स्वास्थ विभाग को लेकर काफी शख्त हैं। जहाँ स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए करोड़ो रूपये पानी की तरह बहा रही हैं।वही स्वास्थ्य मंत्री व डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक सभी जनपदों में सरकारी हॉस्पिटलों का निरीक्षण कर रहे हैं। लेकिन निरीक्षण के बाद भी स्वास्थ्य महकमा सुधरने का नाम नही ले रहा हैं।जिसका नजारा बलिया के मनियर ब्लॉक के बालुपुर गांव में देखने को मिला। जहाँ बालूपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्थिति बद से बत्तर हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस हॉस्पिटल लगभग कई वर्षों से डॉक्टर बिहीन हैं। यहाँ के मरीजों को मनियर और सिकंदरपुर भेजना पड़ता हैं।यहां पर डॉक्टर नही होने की दशा में मरीजों काफी कठिनाइयां होती हैं।और दूर दराज जाने को मजबूर हैं।सबसे बड़ी बात तो यह हैं कि डॉक्टर तो डॉक्टर हैं यहां फार्मासिस्ट भी नही हैं।कि जो मरीजो को एक दवा तक दें सकें।अभी कुछ दिन हुआ एक आयुष फार्मासिस्ट की नियुक्ति की गईं हैं। जिससे हॉस्पिटल को सुचारू रूप से चला सकें। लेकिन सच तो यह हैं कि क्या आयुष के फार्मासिस्ट एलोपैथ की दवा कैसे देंगे।आखिर जब डॉक्टर मरीज को नही देखेंगा तब तक आखिर मरीज को कौन सी दवा दी जाएगी यह कौन बतायेगा।या योगी आदित्यनाथ की सरकार में ऐसे ही चलेगी स्वास्थ्य महकमा&comma; या होगी कार्यवाही।<&sol;p>&NewLine;

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