डॉक्टर व दो बेटियों की मां ने विवादों के कारण फांसी लगाकर खत्म कर ली जिंदगी

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>शेखपुरा&lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;&colon; <&sol;strong>जिले की प्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ&period; बरखा सोलंकी ने आत्महत्या कर ली। 8 मई की देर रात शेखपुरा शहर स्थित अपने आवास पर फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर दी। घटना की भनक बाद में परिवार वालों को रात्रि में ही लगी है। डॉ&period; बरखा सोलंकी द्वारा आत्महत्या किए जाने की खबर पूरे जिले में आग की तरह फैल गई। इस तरह की खबर मिलने के बाद बड़ी संख्या में लोग उनके जखराज स्थान गिरिहिंडा स्थित आवास पर जमा होने लगे। पंखे से लटकी मिली लाश स्थानीय लोगों के अनुसार&comma; पति-पत्नी के बीच विवाद में आत्महत्या करने की बात सामने आई है। लगभग 32 साल की डॉ&period; सोलंकी दो पुत्रियों की मां भी थीं। डॉ&period; सोलंकी की लाश घर के कमरे से पंखे से लटकी मिली। जिला के प्रमुख नेत्र चिकित्सक की असामयिक मौत पर सैकड़ों लोगों ने दुख व्यक्त किया है। बता दें कि डॉ&period; बरखा सोलंकी शहर के प्रसिद्ध चिकित्सक&comma; समाजसेवी एवं सेवानिवृत्त सिविल सर्जन डॉ&period; एमपी सिंह की पुत्री थीं। वह शहर के जखराज स्थान के पास ही निभा नर्सिंग होम के बगल में अपना क्लीनिक चलाती थीं। सदर अस्पताल शेखपुरा में भी चिकित्सक के पद पर तैनात थीं। बता दें की बरखा सोलंकी ने नेत्र रोग की चिकित्सा में काफी प्रसिद्धि हासिल की गई थी। वह बड़े पैमाने पर मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर में सैकड़ों मरीजों का मुफ्त ऑपरेशन और इलाज कर चुकी थीं।<&sol;p>&NewLine;

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