फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का डीएम ने किया उद्घाटन, जागरूकता रथ को किया रवाना

&NewLine;<p><strong>जमुई&lpar;मो० अंजुम आलम&rpar;&colon;<&sol;strong> सदर अस्पताल स्थित संवाद कक्ष में सोमवार को फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी अवनीश कुमार सिंह&comma; सिविल सर्जन डा&period; अजय कुमार भारती&comma; एसीएमओ रमेश प्रसाद&comma; डिएस डाक्टर सैयद नौशाद अहमद&comma; डीपीएम सुधांशु नारायण लाल द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। साथ ही जिलाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारियों द्वारा फाइलेरिया से बचाव की दवा और एलमेंडजोल कि गोली खा कर लोगों को जागरूक किया गया। इसके अलावा जिलाधिकारी द्वारा फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम को लेकर जागरूकता रथ को भी हरि झंडी दिखाकर रवाना किया गया। रथ सदर अस्पताल परिसर से निकलकर पूरे बाज़ार व गांव-गांव में फाइलेरिया की दवा खाने को लेकर जागरूक करेगी।<br>इस अवसर पर डीएम अवनीश कुमार सिंह ने बताया कि मच्छड़ के काटने से फाइलेरिया फैलता है। जो बड़ा कष्टदायक होता है। मच्छर जमे गंदे पानी में पैदा होता है। जिससे सुरक्षा के लिए फाइलेरिया एल्बेंडाजोल की दवा साल में एक बार लेना आवश्यक है। प्रत्येक वर्ष एक गोली छह साल तक लेने से इस बीमारी से बचा जा सकता है। यह पूरी तरह सुरक्षित और लाभकारी है। इसका किसी भी प्रकार का स्वास्थ्य पर बुरा असर नहीं पड़ता है। बेगैर डर-भय के लोग इस दवा का सेवन खाना खाने के बाद कर सकते हैं। सीएस और एसीएमओ डा&period; रमेश प्रसाद ने बताया कि यह दवा दो वर्ष से ऊपर तक के लोगों को दिया जाएगा। दो वर्ष से कम उम्र के बच्चे&comma; गर्भवती महिलाएं एवं गंभीर रोग से ग्रसित व्यक्ति को यह दवा नहीं दिया जाएगा&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिले में 19 लाख 30 हजार 677 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि इसे लेकर 880 टीम का गठन किया गया है। प्रत्येक टीम दो सदस्य का है। 2020 के सर्वे के मुताबिक जिले में 1154 लोग फलेरिया रोग से ग्रसित हैं।<br>जिले के 31 हजार 848 घर में घुम-घुम कर आशा व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा लोगों को दवा सामने में खिलाया जाएगा&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फाइलेरिया से बचने के लिए आवश्य खाएं दवा<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन ने बताया कि फाइलेरिया संक्रमित मच्छर के काटने से होता है। लोग मच्छरदानी का प्रयोग करें&comma; साफ सफाई पर विशेष ध्यान दे। सरकार द्वारा बीते कई वर्षों से साल में एक बार घर- घर घूम कर यह दवा दिया जा रहा है&comma; खाली पेट दवा कभी नहीं लें&comma; एल्बेंडाजोल की दवा चबाकर खाएं&comma;साथ ही स्वास्थ्य कर्मी अपने सामने लोगों को दवा खिलाएंगे&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>उम्र के अनुसार दी जाएगी दवा-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>दो वर्ष से पांच वर्ष तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र&comma; छह वर्ष से 19 वर्ष तक के बच्चों को स्कूल में एवं स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों को घर-घर जाकर दवा दिया जाएगा। 20 सितंबर से शुरू हुए यह कार्यक्रम आगामी 11 अक्टूबर तक किया जाएगा। दो से पांच वर्ष तक के बच्चों को फाइलेरिया एल्बेंडाजोल की एक एक गोली&comma; छह से 14 वर्ष के लिए फलेरिया की दो गोली&comma; एल्बेंडाजोल की एक गोली एवं इसके ऊपर वाले बच्चों को फलेरिया की तीन एवं एल्बेंडाजोल की एक गोली दिया जाएगा। सामान्य स्तर पर हाथ पैर में सूजन&comma; अंडकोष का सूजन इस बीमारी का लक्षण है।उन्होंने कहा कि परेशानी होने पर नजदीक के योग्य चिकित्सक की सलाह अवश्य ले। स्वास्थ्य कर्मी अपने साथ रखे पंजी पर लाभूक की सूची&comma; नाम&comma; उम्र&comma; लिंग&nbsp&semi; सहित अन्य जानकारी लिखेंगे। इस मौके पर अस्पताल प्रबंधक रमेश कुमार&comma;मु&period; शमीम अहमद&comma; संचारी विभाग के प्रमोद मंडल&comma; नवीन मिश्रा&comma; रामनवास तिवारी सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे।<&sol;p>&NewLine;

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