शैक्षणिक संस्थान बंद कराने के सरकार के निर्देशों को लेकर संचालकों कि बैठक

<p><strong>फुलवारीशरीफ&lpar;अजित यादव&rpar;&colon;<&sol;strong> बुधवार को फुलवारीशरीफ के खलीलपुरा में शिक्षको और शैक्षणिक संस्थान संचालको की एक बैठक हुई &comma;जिसमें सरकार द्वारा कोरोना महामारी में प्रदेश के स्कूल&comma; कॉलेजों को बंद कराने को लेकर सरकार के प्रति शिक्षकों में आक्रोश दिखा । शिक्षकों ने कहा कि सरकार बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। कोचिंग संचालकोें ने कहा कि जब तक पुरी तरह लाॅक डाउन नहीं होता है हमलोग कोचिंग संस्थान बंद नहीं करेगें&comma; अगर सरकार ने 11 अप्रैल के बाद स्कूल&comma; कॉलेज को बंद करवाने का कदम उठाया तो हम उन आदेशों को नहीं मानेंगे&period;इनलोगों का कहना था कि सरकार शिक्षा के स्तर को गिराने में लगी है&comma; ऐसे समय में जब माॅल&comma; सिनेमाघर&comma; बसों में खचाखच भीड़&comma; बाजारों में लोगों के दिल से कोरोना का भय समाप्त हो चुका है लेकिन सरकार आंख बंद किये हुई है । सरकार को तो सिर्फ कोचिंग स्कुल ही कोरोना का अड्डा दिखाई देता है। हम सरकार के इस तुगलकी फरमान को 11 अप्रैल के बाद किसी हालत में नहीं मानेगें चाहे हमे सड़क पर क्यों न उतरना पड़े। अभी हाल के दिनों में कोचिंग के गेट खुले ही थे कि फिर से सरकार ने उन्हें बंद करने का निर्देश जारी कर दिया&period; इस मौके पर फुलवारी के कई शिक्षण संस्थान के संचालक मौजुद थे।<&sol;p>&NewLine;

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