दिशाहीन, लोक लुभावन एवं चुनावी बजट – डॉ सुरेश पासवान

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">औरंगाबाद&lpar;प्रमोद कुमार सिंह&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> बिहार सरकार के पूर्व मंत्री एवं राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ सुरेश पासवान ने कहा है कि वर्ष 2023-24 का केंद्रीय बजट जो संसद में आज पेश किया गया है वह पुरी तरह से इस वर्ष कई राज्यों में एवं आगामी लोकसभा के आम चुनाव के मद्देनजर लोक लुभावन&comma; दिशाहीन एवं चुनावी बजट प्रतीत होता है<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रस्तुत बजट में आम आदमी के लिए कुछ भी खास नहीं है। बेरोज़गारों को फिर इस बार अंगुठा दिखलाया गया है। बिहार के लिए न बिशेष राज्य का चर्चा&comma;न ही बिशेष पैकेज की घोषणा यानी कुल मिलाकर झुनझुना।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>शिक्षा एवं कृषि क्षेत्र को तो जबरदस्त उपेक्षा की गई है इनके नई शिक्षा नीति की तो हवा निकल गई क्योंकि पिछले बजट से मात्र चार हजार करोड़ का ही इजाफा दिख रहा है। किसानो के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य धरा का धरा ही रह गया। जीएसटी पर कोई बात नहीं की गई। रेलवे को देश का लाइफ लाइन कहा जाता है लेकिन अल्प बजट से रेलवे का कैसे कायाकल्प होगा चूंकि बजट उट के मुंह में जीरा के समान है। इसलिए कुल मिलाकर वित मंत्री के द्वारा पेश किया गया आम बजट आम आवाम को निराश करने वाला है।<&sol;p>&NewLine;

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