नालों में गोबर एवं पशु अपशिष्ट बहाने पर रोक लगाने की मांग, नगर विकास मंत्री के नाम एसडीओ को सौंपा ज्ञापन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटनासिटी&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar; <&sol;strong>नागरिक अधिकार मंच&comma; पटना सिटी के द्वारा पटना शहर के नालों में पशुपालन एवं गौशाला संचालकों द्वारा गोबर&comma; मल-मूत्र एवं अन्य पशु अपशिष्ट बहाए जाने पर रोक लगाने की मांग को लेकर आज एक प्रतिनिधिमंडल ने माननीय नगर विकास मंत्री&comma; बिहार सरकार के नाम अनुमंडल पदाधिकारी&comma; पटना सिटी श्रीमती कशिश बक्शी जी को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में नागरिक अधिकार मंच के संयोजक सह पूर्व पार्षद बलराम चौधरी&comma; निगम पार्षद शोभा देवी&comma; मो&period; जावेद&comma; देवरतन प्रसाद&comma; शंभू शरण प्रसाद&comma; अजीत सिंह कुशवाहा&comma; शरीफ अहमद रंगरेज&comma; बलिराम विश्वकर्मा&comma; लीलाधर गुड्डू&comma; प्रियंका जी सहित अन्य सदस्य शामिल थे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि पटना शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पशुपालन एवं गौशाला का संचालन करने वाले कुछ लोगों द्वारा पशुओं का गोबर&comma; मल-मूत्र एवं अन्य अपशिष्ट सीधे नालों में बहाया जा रहा है। इससे छोटी नालियों एवं बड़े नालों के जाम होने की समस्या उत्पन्न होती है और जल निकासी बाधित होने के कारण कई क्षेत्रों में जलजमाव की स्थिति बन जाती है। विशेषकर बरसात के दिनों में इसका प्रतिकूल प्रभाव आम नागरिकों पर पड़ता है तथा गंदगी और दुर्गंध की समस्या भी बढ़ जाती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि वार्ड संख्या 60 सहित पूरे पटना शहर में BUDCO के माध्यम से बड़े नालों का निर्माण एवं जल निकासी की व्यवस्था की गई है। ऐसे में नालों में गोबर एवं मल-मूत्र बहाए जाने से नालों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है और सरकारी संसाधनों पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>नागरिक अधिकार मंच ने सुझाव दिया कि पशुपालन एवं गौशाला संचालकों को पशु अपशिष्ट नालों में बहाने के बजाय उसके उचित प्रबंधन के लिए प्रोत्साहित किया जाए। गोबर से बायोगैस&sol;गोबर गैस प्लांट एवं जैविक खाद का निर्माण किया जा सकता है&comma; जिससे स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ अतिरिक्त आय का अवसर भी प्राप्त हो सकता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रतिनिधिमंडल ने नगर विकास मंत्री से मांग की कि पटना नगर निगम के माध्यम से पशुपालन एवं गौशाला संचालकों को नालों में गोबर&comma; मल-मूत्र एवं अन्य पशु अपशिष्ट बहाने से रोकने के लिए आवश्यक आदेश एवं दिशा-निर्देश जारी किए जाएं तथा उसका अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही संबंधित क्षेत्रों में निरीक्षण एवं जागरूकता अभियान चलाकर पशु अपशिष्ट के उचित प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अनुमंडल पदाधिकारी&comma; पटना सिटी कशिश बक्शी जी ने प्रतिनिधिमंडल की पूरी बात सुनने के बाद आश्वासन दिया कि इस संबंध में माननीय नगर विकास मंत्री को पत्र के माध्यम से अवगत कराया जाएगा।<&sol;p>&NewLine;

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