सरकारी कार्यालयों में घूम-घूम कर कर्मियों को खिलायी जा रही डीईसी व अल्बेंडाजोल की दवा

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&lpar;रंजीत ठाकुर&rpar;&colon;<&sol;strong> जिले को फाइलेरिया रोग से मुक्त करने के उद्देश्य से 20 सितंबर से एडीएम यानि सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। पल्स पोलियो अभियान के क्रम में अभियान को बीच में रोकना पड़ा। लिहाजा 26 से 30 सितंबर के बीच जिले में एमडीए कार्यक्रम का संचालन नहीं हो सका। दोबारा 04 अक्टूबर से जिले में एमडीए कार्यक्रम के दूसरे चरण की शुरुआत हो चुकी है। अभियान के तहत 6&period;5 लाख घरों का भ्रमण करते हुए 32 लाख लोगों का दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित है। जानकारी अनुसार अब तक अभियान के तहत जिले में 12 लाख से अधिक लोगों को दवा का सेवन कराया जा चुका है। इसी क्रम में स्वास्थ्य कर्मी विभिन्न सरकारी कार्यालयों में पहुंच कर कर्मियों को फाइलेरिया रोग संबंधी जानकारी देते हुए उन्हें दवा का सेवन करा रहे हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>जीविका कर्मियों को खिलायी गयी दवा &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम के तहत गुरुवार को जीविका कर्मियों को फाइलेरिया रोग से संबंधित जानकारी दी गयी। पीसीआई के डिवीजन कॉर्डिनेटर गौरव कुमार ने बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत साल में एक बार सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम का संचालन किया जाता है। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया के कारण होने वाले हाथीपांव का कोई इलाज नहीं है। फाइलेरिया एक कष्टकारी असाध्य रोग है। फाइलेरिया रोग के प्रसार को नियंत्रित करने के उद्देश्य से दो साल से कम उम्र के बच्चे&comma; गर्भवती महिलाएं व गंभीर रोग से ग्रसित लोगों को छोड़ कर उम्र के हिसाब से निर्धारित मात्रा में डीईसी व अल्बेंडाजोल की दवा का सेवन कराया जा रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अभियान की सफलता में जीविका कर रहा समुचित सहयोग &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम के दौरान जीविका की डीपीएम अनुराधा चंद्रा ने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत संचालित सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम के तहत दवा का सेवन सभी के लिये जरूरी है। अररिया वैसे ही फाइलेरिया प्रभावित जिलों में शुमार है। इसलिये दवा का सेवन ज्यादा जरूरी है। जिले में संचालित अभियान की सफलता में जीविका के कर्मी हर स्तर पर स्वास्थ्य कर्मियों को हर संभव प्रयास सहयोग प्रदान कर रहे हैं। जीविका दीदी घर-घर जाकर आम लोगों को दवा सेवन के लिये प्रेरित कर रही हैं । उन्होंने जिले में अभियान की सफलता का भरोसा जताया। कार्यक्रम में भाग लेते हुए जीविका के जिला रोजगार प्रबंधक अमित सागर&comma; प्रशिक्षण अधिकारी रंजन कुमार&comma; प्रबंधक सामुदायिक वित्त ललित प्रसाद&comma; प्रशिक्षण अधिकारी नीर नीरज&comma; प्रबंधक एमएनई राम नगीना यादव&comma; सौरभ रंजन&comma; अनुराग कुमार&comma; शाहनवाज&comma; सुरेंद्र मोहन मिश्र&comma; मणिभूषण विश्वनाथ&comma; गौरव कुमार साहा&comma; सुमन कुमार पवन&comma; मनोज कुमार&comma; नवीन कुमार सहित अन्य भाग लेते सामूहिक रूप से डीईसी व अल्बेंडाजोल दवा का सेवन किया।<&sol;p>&NewLine;

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