सिमरबनी के राजस्व कर्मचारी पर लगे रिश्वतखोरी के आरोप के मामले में डीसीएलआर ने सीओ को दिया जांच का आदेश

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">अररिया&comma; रंजीत ठाकुर।<&sol;mark><&sol;strong> अररिया बताया जाता है&comma;कि जिले के भरगामा अंचल में पदस्थापित सिमरबनी पंचायत के राजस्व कर्मचारी गौतम कुमार पासवान पर एक पीड़ित ने रिश्वतखोरी का गंभीर आरोप लगाया था। और इस मामले को लेकर 10 अक्टूबर मंगलवार को फारबिसगंज डीसीएलआर को एक लिखित आवेदन के माध्यम से सारी समस्या से अवगत कराया था। हालांकि मामले को फारबिसगंज डीसीएलआर अंकिता सिंह ने गंभीरता से लिया। और संबंधित सीओ से जवाब मांगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>ये है पूरा मामला<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>दरअसल&comma;शंकरपुर पंचायत के वार्ड संख्या 09 निवासी रामप्रसाद राम पिता स्वर्गीय नंदू राम ने 17 अगस्त 2023 को भरगामा सीओ को जमाबंदी संधारण के लिए एक लिखित आवेदन दिया था। जबकि उनका कहना है&comma;कि सीओ द्वारा उस आवेदन के आलोक में कोई जांच-पड़ताल नहीं किया गया। और उनका समस्या का कोई निष्कर्ष भी नहीं निकाला गया। जिसके बाद वे थक&comma;हार कर के 10 अक्टूबर 2023 को फारबिसगंज डीसीएलआर को एक लिखित आवेदन के माध्यम से पूरी समस्या से अवगत कराया था। वे लिखित आवेदन में बताया था कि मेरे पिता स्वर्गीय नंदू राम को बिहार सरकार के द्वारा बंदोबस्ती से प्राप्त हुआ था। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वे डीसीएलआर को दिए गए आवेदन में लिखा था कि मेरा जमीन सिमरबनी मौजा के खाता 634 खेसरा 3303 रकवा 100 डिसमिल है।आवेदन में उनका कहना था&comma;कि उक्त जमीन उनके पिता के नाम भूबंदोबस्ती वाद संख्या 12&sol;72-73 के द्वारा प्राप्त है। जिसका जमाबंदी संख्या 874 है। जिससे उन्हें वर्ष 2007 तक लगान रसीद भी प्राप्त है। परंतु जमाबंदी नष्ट होने के कारण फिलहाल उनका जमीन का लगान रसीद नहीं कट रहा है। आवेदन में उनका कहना था&comma;कि 2009 से वे कई बार लगान रसीद कटवाने हेतु सिमरबनी के राजस्व कर्मचारी से मिला। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>लेकिन राजस्व कर्मचारी उसे टहलाते रहा। वे आवेदन में ये भी लिखा था&comma;कि छह&comma;सात माह पूर्व वे जमीन परिमार्जन हेतु ऑनलाइन कर सिमरबनी के राजस्व कर्मचारी गौतम कुमार पासवान से मिला तो वे पांच हजार रूपया के साथ ऑनलाइन का एक छाया प्रति लिया। और पीड़ित को कहा कि जाओ एक महीना के बाद आना तुम्हारा जमीन नेट पर अपलोड कर देंगे। और लगान रसीद भी तुमको काट कर दे देंगे। लेकिन जब पीड़ित फिर एक महीने के बाद उनसे मिला तो उन्होंने उनसे पच्चीस हजार रूपये की मांग किया गया।<&sol;p>&NewLine;

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