अदालत ने मूर्ति देवी को सबूतों के अभाव में बरी किया

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">अबोहर &lpar;शर्मा&sol;सोनू&rpar;&colon; <&sol;mark><&sol;strong>अबोहर सबडिवीजन के न्यायाधीश अर्जुन सिंह की अदालत में पुलिस एक्ट 66 व धारा 182 के तहत मूर्ति देवी पत्नी साधू राम वासी गोबिंदगढ़ के वकील हरप्रीत सिंह&comma; जीवनजोत बजाज&comma; सिमरन सोढ़ी व निशांत ने दलीलें पेश की। दूसरी ओर सरकारी वकील तथा सदर थाना पुलिस ने अपनी दलीलें पेश की। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एडवोकेट हरप्रीत सिंह की दलीलों केा मद्देनजर रखते हुए मूर्ति देवी को सबूतों के अभाव में बरी किया। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मिली जानकारी अनुसार सदर थाना पुलिस ने रपट नं&period; 22&comma; 15&period;01&period;21 भांदस की धारा 182&comma; 66 पुलिस एक्ट के तहत मूर्ति देवी पत्नी साधू राम वासी गोबिंदगढ़ का अदालत में कलंधरा पेश किया। मूर्ति देवी पर पप्पू राम वासी गोबिंदगढ़ ने आरोप लगाया था कि मूर्ति देवी झूठे मुकदमे व दरख्वासत देने की आदि है। पुलिस ने जांच करने के बाद मूर्ति देवी के खिलाफ कलंधरा पेश किया। अदालत ने सबूतों के अभाव में उसे बरी कर दिया।<&sol;p>&NewLine;

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