एम्स पटना में कॉक्लियर इम्प्लांट दिवस का आयोजन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजीत<&sol;strong>। बुधवार को एम्स पटना के नर्सिंग कॉलेज भवन का माहौल कुछ अलग था&period; यहां सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि सैकड़ों सपनों की नई शुरुआत का उत्सव मनाया गया। कान-नाक-गला विभाग ने विश्व कॉक्लियर इम्प्लांट दिवस को उन मुस्कुराहटों के नाम समर्पित किया जिन्होंने खामोशी से संवाद तक का सफर तय किया है। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रो&period; &lpar;ब्रिग&period;&rpar; डॉ&period; राजू अग्रवाल&comma; कार्यकारी निदेशक&comma; एम्स पटना ने किया&period; उन्होंने कहा कि सुनने की क्षमता केवल ध्वनि सुनने का माध्यम नहीं बल्कि जीवन से जुड़ने का सेतु है&period; समय पर पहचान और उपचार बच्चों के भविष्य को नई दिशा दे सकता है। विभागाध्यक्ष डॉ&period; क्रांति भावना&comma; प्रोफेसर एवं प्रमुख&comma; ईएनटी विभाग ने कहा कि कॉक्लियर इम्प्लांट एक तकनीक से बढ़कर उम्मीद की किरण है&period; उन्होंने बताया कि एम्स पटना में सर्जरी के साथ नियमित मैपिंग&comma; स्पीच थेरेपी और दीर्घकालिक पुनर्वास की संपूर्ण व्यवस्था उपलब्ध है जिससे बच्चों का आत्मविश्वास लौटता है और परिवारों में खुशियां वापस आती हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम में विशेषज्ञ व्याख्यान&comma; लाभार्थियों की प्रेरक कहानियाँ और संवाद सत्र आयोजित किए गए&period; जिन बच्चों और वयस्कों की कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी एम्स पटना में हुई है&comma; उनमें से कुछ इस अवसर पर उपस्थित रहे&period; उनके अनुभवों ने यह साबित किया कि सही समय पर इलाज जीवन बदल सकता है&period; इस अवसर पर गणमान्य अतिथियों ने बच्चों के साथ केक काटा&comma; उन्हें केक खिलाया और उपहार देकर इस दिन को यादगार बना दिया। वर्ष 2014 से अब तक एम्स पटना में लगभग 400 कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं&period; आधुनिक ऑपरेशन थियेटर&comma; उन्नत श्रवण जांच सुविधाएं और विशेषज्ञ डॉक्टरों&comma; ऑडियोलॉजिस्ट व स्पीच थेरेपिस्ट की समर्पित टीम इस उपलब्धि की मजबूत नींव हैं। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कॉक्लियर इम्प्लांट सुविधामेड-एल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से रियायती दरों पर उपलब्ध है&period; साथ ही मुख्यमंत्री राहत कोष बिहार&comma; राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम तथा ए डी आई पी योजना के माध्यम से आर्थिक सहायता भी दी जाती है ताकि कोई भी परिवार आर्थिक कारणों से इस उपचार से वंचित न रहे। इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ&period; अनूप कुमार&comma; प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; संजय पांडेय&comma; डीन &lpar;रिसर्च&rpar;&comma; प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; रुचि सिन्हा&comma; डीन &lpar;स्टूडेंट्स अफेयर्स&rpar; सहित विभाग के सभी वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि खामोशी कोई सीमा नहीं है&period; सही उपचार&comma; सही समय और सही सहयोग से हर आवाज़ को पहचान मिल सकती है&period; एम्स पटना इसी संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है ताकि हर बच्चा अपनी दुनिया को सुन सके और अपनी आवाज़ से उसे सजा सके।<&sol;p>&NewLine;

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