सीएम सम्राट चौधरी ने किया निरीक्षण : कोसी का अधिशेष जल मेची तक पहुंचेगा

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma;   à¤¨à¤°à¥‡à¤¶ अग्रवाल &colon;<&sol;strong> सीमांचल के किसानों के लिए ऐतिहासिक दिन। मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को सुपौल जिले के छातापुर प्रखंड अंतर्गत चैनपुर ग्राम में निर्माणाधीन कोसी-मेची अंतःराज्यीय रिवर लिंक परियोजना का स्थल निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने का निर्देश दिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;newscrime24&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2026&sol;08&sol;img-20260819-wa00262969306281033774943&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-90962" &sol;><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>6&comma;282&period;32 करोड़ रुपये की इस परियोजना के तहत बाढ़ के समय कोसी नदी के अधिशेष जल को लिंक नहर के माध्यम से मेची नदी तक पहुंचाया जाएगा। इससे महानंदा बेसिन में जल की उपलब्धता बढ़ेगी और कोसी के बाढ़ प्रभाव को कम करने में मदद मिलेगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>परियोजना पूर्ण होने पर 2&comma;14&comma;813 हेक्टेयर कृषि भूमि को अतिरिक्त एवं सुनिश्चित सिंचाई सुविधा मिलेगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<ul class&equals;"wp-block-list">&NewLine;<li>अररिया&colon; 69&comma;642 हेक्टेयर<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>पूर्णिया&colon; 69&comma;970 हेक्टेयर<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>किशनगंज&colon; 39&comma;548 हेक्टेयर<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>कटिहार&colon; 35&comma;653 हेक्टेयर<&sol;li>&NewLine;<&sol;ul>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इसके अलावा पूर्वी कोसी मुख्य नहर की जल संवहन क्षमता 15&comma;000 क्यूसेक्स से बढ़ाकर 20&comma;000 क्यूसेक्स की जाएगी। 4 शाखा नहरें&comma; 6 वितरणियां और अन्य नहर प्रणालियां भी बनेंगी। परियोजना का लक्ष्य मार्च 2029 तक पूरा करना है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मुख्यमंत्री ने कहा&comma; <em>&&num;8220&semi;कोसी-मेची रिवर लिंक परियोजना सीमांचल और बिहार के लिए ऐतिहासिक है। इसके पूरा होने से कृषि उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों की समृद्धि को नई गति मिलेगी।&&num;8221&semi;<&sol;em><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण के दौरान किसानों को खेती में कोई दिक्कत न हो। काम में गति&comma; गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही कोसी और गंडक नदियों को व्यवस्थित करने के लिए समग्र योजना बनाने को भी कहा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>निरीक्षण और समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी&comma; विधायक नीरज कुमार बबलू&comma; रामविलास कामत&comma; देवंती यादव&comma; मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह&comma; जल संसाधन सचिव डॉ&period; चंद्रशेखर सिंह&comma; डीएम सावन कुमार&comma; एसपी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।<&sol;p>&NewLine;

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