गूंजने लगी बच्चों की किलकारी, कोरोना संक्रमण के कारण बंद आंगनबाड़ी केंद्र फ़िर से हुए गुलज़ार

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पूर्णिया&lpar;रंजीत ठाकुर&rpar;&colon; <&sol;strong>कोरोना संक्रमण के कारण लगभग एक वर्षो से बंद पड़े आंगनबाड़ी केंद्रों को एक बार पुनः खोल दिया गया है। जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को सोमवार से खोलने के लिए अभिभावकों एवं कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश का पालन करते हुए केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। केंद्रों के खुलने से बच्चों का केंद्रों पर आना शुरू हो गया है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित समेकित बाल विकास परियोजना ने जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को 15 नवंबर से पुन&colon; संचालित करने का निर्देश दिया था। कोविड-19 संक्रमण काल के मद्देनजर आंगनबाड़ी केंद्रों को खोलने के लिए मार्गदर्शिका भी जारी की गयी है। &OpenCurlyQuote;मास्क लगाओ- दूरी बनाओ&comma; आंगनबाड़ी में इसे अपनाओ’ को आंगनबाड़ी केंद्र खुलने पर विशेष रूप से पालन करने के लिए भी दिशा-निर्देश दिए गए है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>आंगनबाड़ी केंद्रों पर 50 प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति के साथ शुरू किया गया केंद्रों का संचालन&colon; डीपीओ<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>आईसीडीएस की जिला प्रोग्राम पदाधिकारी राखी कुमारी ने बताया विभाग द्वारा जारी मार्गदर्शिका के तहत ही ज़िलें के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की 50 प्रतिशत उपस्थिति&comma; हाथों की नियमित सफाई&comma; स्वच्छता&comma; सैनिटाइजर का इस्तेमाल सुनिश्चित किये जाने के लिए कहा गया है। अस्वस्थ&comma; कमजोर&comma; गर्भवती महिला तथा 65 वर्ष की आयु के व्यक्तियों का आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रवेश निषेध रहेगा। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर हल्के गर्म व पका हुआ भोजन का भंडारण&comma; तैयारी और वितरण के दौरान सबसे ज्यादा स्वच्छता एवं सामाजिक दूरी का पालन सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा। ग्रामीण स्वास्थ्य&comma; स्वच्छता एवं पोषण दिवस के दौरान ग्रोथ मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के दौरान हाथों की नियमित रूप से सफाई तथा वजन करने वाला मशीन का भी सैनिटाइज करना होगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>साप्ताहिकी मेन्यू के अनुसार केंद्र के बच्चों को दिया जाएगा पोषाहार&colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पोषण समन्यवक राष्ट्रीय पोषण अभियान की जिला समन्यवक निधि प्रिया ने बताया ज़िले के सभी सीडीपीओ को साप्ताहिकी मेन्यू के अनुसार केंद्र के बच्चों को पोषाहार दिए जाने का आदेश निर्गत किया जा चुका है। मेन्यू के अनुसार ही महीने के चार सोमवार को नाश्ता में अंकुरित चना और गुड़ तथा गर्म पका भोजन में चावल का पुलाव दिया जाना है। वहीं महीने के चारों मंगलवार को नाश्ता में गुड़ व चूड़ा तथा गर्म पका भोजन में पौष्टिक लड्डू का वितरण किया जाना है। वहीं बुधवार को नाश्ता में गुड़&comma; चूडा एवं अंडा तथा खाना में सत्तू का शुद्ध लड्डू&comma; गुरुवार को गुड़ व चूडा तथा सूजी का हलवा खाने के लिए दिया जाना है। साथ ही शुक्रवार के दिन दूध एवं रसियाव खिलाना है। इसके अलावा शनिवार तथा अन्य अतिरिक्त दिवस को नाश्ते में गुड़&comma; चूडा तथा खाने में खिचड़ी खिलाने का आदेश दिया गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>कोविड-19 गाइड लाइन के दिशा-निर्देश के आलोक में केंद्रों का हुआ संचालन&colon; महिला पर्यवेक्षिका<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पूर्णिया ग्रामीण सेक्टर- 01 की महिला पर्यवेक्षिका मनीषा कुमारी ने बताया केंद्र के बच्चों के बीच कोविड-19 संक्रमण से बचाव को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए इसका कड़ाई से पालन काराते हुए केंद्रों का संचालन किया गया है। मेरे द्वारा कई आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया है। जिसमें सभी केंद्रों पर आंगनबाड़ी सेविका व सहायिकाओं के साथ ही बच्चे भी अपने-अपने चेहरे को मास्क से ढक कर पढ़ाई कर रहे थे। वहीं सामाजिक दूरी का अनुपालन भी किया गया था। डीपीओ कार्यालय द्वरा जारी आदेश के आलोक में बच्चों को खाने में चावल का पुलाव पड़ोस कर खिलाया गया। पहले दिन केंद्रों में नौनिहालों की उपस्थिति संतोषप्रद रही है। पहले दिन होने के कारण सभी बच्चे अपने आप में खुश दिख रहे थे। वहीं बच्चों को गर्म भोजन खिलाकर छुट्टी दे दी गई।<&sol;p>&NewLine;

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