“छोटा सा प्रयास” संस्था द्वारा पौधा एवं गौरैया कॉटेज का वितरण अभियान का आयोजन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटनासिटी&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> पर्यावरण संरक्षण&comma; हरियाली विस्तार और गौरैया संरक्षण की दिशा में कार्यरत प्रतिष्ठित गैर-सरकारी संस्था &&num;8220&semi;छोटा सा प्रयास&&num;8221&semi;&comma; द्वारा चरखा बालिका विद्यालय&comma; पटना सिटी में पौधा एवं गौरैया कॉटेज वितरण अभियान का सफल आयोजन किया गया और साथ-साथ पौधा रोपण भी किया गया। इस अभियान के अंतर्गत दर्जनों छात्राओं को कई तरह के पौधे अमरूद&comma; आम&comma; अड़हुल&comma; रात की रानी&comma; हरेक रंग के गुलाब&comma; गुलमोहर एवं गौरैया कॉटेज का वितरण किया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>संस्था के सदस्य और पर्यावरण प्रेमियों ने पौधा रोपण भी किया और विलुप्त हो रहे गौरैया चिड़िया के महत्व के बारे में जागरूक किया। संस्था के संस्थापक पर्यावरण मित्र सुभाष कुमार कसेरा &lpar;अन्नू कसेरा&rpar; एवं मुख्य संरक्षक सुजीत कुमार कसेरा ने इस अवसर पर संयुक्त रूप से कहा आज के समय में हरियाली और जैव विविधता की रक्षा अत्यंत आवश्यक है। पेड़ो की घटती संख्या हमें चेतावनी देती है कि अब समय आ गया है जब हमें पर्यावरण के प्रति सजग होना होगा। हमारा यह छोटा सा प्रयास&comma; एक बड़े परिवर्तन की ओर एक कदम है और विलुप्त हो रही गौरैया चिड़िया को संरक्षण देना एवं अपने बालकनी एवं छत पर दाना पानी का व्यवस्था करना इन बातों पर सारे बच्चों को ध्यान आकर्षित किया गया। वार्ड 60 के पार्षद प्रतिनिधि बलराम चौधरी जी ने भी बच्चों के बीच गौरैया विलुप्त हो रही के कारण को बताया और छात्राओं को जागृत किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>चरखा स्कूल के प्राचार्य कनकलता और समाजसेवी आकाश वर्मा जी ने संयुक्त रूप से छात्राओं के बीच अपनी बात रखी। स्थानीय नागरिकों एवं छात्राओं ने इस पहल की सराहना करते हुए बढ़-चढ़कर भाग लिया और पौधारोपण का संकल्प गौरैया संरक्षण का संकल्प लिया। अभियान का मुख्य उद्देश्य न केवल पेड़ लगाना था&comma; बल्कि हर नागरिक को प्रकृति से जोड़ने और गौरैया जैसे पक्षियों के अनुकूल वातावरण तैयार करना भी था। &&num;8220&semi;छोटा सा प्रयास&&num;8221&semi; संस्था ने भविष्य में और भी ऐसे कई जागरूकता अभियान चलाने की घोषणा की है&comma; ताकि पर्यावरणीय संतुलन बना रहे और आने वाली पीढ़ियों को एक हरा-भरा भविष्य मिल सके। इस पुनीत कार्य में उदय अकेला&comma; शुभम कसेरा&comma; विवेक कुमार&comma; देवस्य कसेरा &lpar;देव&rpar; संतोष कुमार ने बढ़चढ़ के हिस्सा लिया।<&sol;p>&NewLine;

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