उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न हुआ छठ पूजा

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पटना&sol;पटनासिटी&lpar;रॉबीन राज&comma; एनसी 24&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> नहाय खाय से शुरू हुए आस्था के महापर्व à¤›à¤  पूजा à¤•ा आज चौथे दिन उगते हुए सूर्य देवता को अर्घ्य देने के साथ ही समापन हो गया। छठ व्रत के चौथे दिन उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद इस व्रत के पारण का विधान है। घाटों पर छठ पूजा की अद्भुत छटा दिखी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के लिए काफी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ छठ पूजा घाटों पर देखि गई। व्रतियों और श्रद्धालुओं ने सूर्यदेव को अ‌र्घ्य दिया और छठी मैया से अपनी मनोकामना पूर्ण करने की मन्नत भी मांगी। व्रतियों व उनके स्वजन ने भगवान सूर्य से समाज व देश के हित की कामना की।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बताया जाता है कि छठ पर्व पर सूर्यदेव और उनकी बहन छठी मैया की उपासना का बहुत महत्व है। छठ का व्रत काफी कठिन माना जाता है। 36 घंटे निर्जला व्रत रखने के बाद उगते सूर्य को अ‌र्घ्य देने के साथ यह पूर्ण हो जाता है। यह व्रत परिवार की सुख-समृद्धि और संतान की लंबी आयु के लिए रखा जाता है।<&sol;p>&NewLine;

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