बोन मैरो डोनेशन से मिली नई जिंदगी, थैलीसीमिया पीड़ित बच्ची को हर 15 दिन ब्लड ट्रांसफ्यूजन से मिली मुक्ति

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> देवघर की 5 वर्षीय थैलीसीमिया पीड़ित बच्ची सृष्टि झा को हर 15-20 दिनों में होने वाले ब्लड ट्रांसफ्यूजन से राहत मिल गई है। यह संभव हो सका है भारत सरकार की थैलिसिमिया बाल सेवा योजना &lpar;10 लाख का सहयोग&rpar;&comma; प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आशीर्वाद&comma; और नारायण हॉस्पिटल बैंगलोर की पूरी टीम के सामूहिक प्रयासों से।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>2 वर्षीय आलोक बने जीवनदाता<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>देवघर के 2 वर्षीय नन्हे आलोक कुमार झा ने अपने बोन मैरो का दान देकर सृष्टि झा की जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभाई। नारायण हॉस्पिटल के डॉ&period; सुनील भट्ट&comma; विकी राय और उनकी टीम ने यह जटिल प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>परिवार और समाज ने जताया आभार-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सृष्टि झा के पिता श्री नरेंद्र झा और देवघर के पुजारी श्री सागर जी ने इस अद्भुत सफलता के लिए माँ वैष्णो देवी सेवा समिति परिवार&comma; नारायण हॉस्पिटल की टीम और श्री सुजीत कुमार झा &lpar;आज तक&rpar; का विशेष आभार व्यक्त किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>थैलिसिमिया के खिलाफ बड़ा कदम<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>इस सफलता ने न केवल सृष्टि झा को एक नई जिंदगी दी है&comma; बल्कि यह साबित कर दिया है कि जब मानवता और विज्ञान का संगम होता है&comma; तो असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। सृष्टि झा के उज्ज्वल भविष्य के लिए हर किसी की शुभकामनाएँ और यह घटना समाज में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरणादायक है।<&sol;p>&NewLine;

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