बाढ़ पीढ़ियों के लिए अब तक नही हुई नाव की व्यवस्था

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>बलिया&comma; संजय कुमार तिवारी <&sol;strong>&colon; बैरिया तहसील क्षेत्र के चांद दियर में घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है।घाघरा नदी के जलस्तर बढ़ने से लगभग पांच हजार की आबादी बाढ़ से प्रभावित हो गई है पांच हजार की आबादी में घाघरा नदी का पानी चारो तरफ गांवों में घुस गई है लोगों के आने जाने के लिए कोई साधन नहीं है एक प्राइवेट नाव है जिससे लोग आ जा रहे है।वही प्राथमिक विद्यालय पलटू नगर ब्लॉक मुरली छपरा में चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>विद्यालय परिसर में पानी ही पानी है विद्यालय में पानी होने से बच्चो की पढ़ाई बाधित हो गई है।पानी बढ़ने के बाद विद्यालय को बंद कर दिया गया है।वही चांद दियर का पूरा इलाका पानी पानी दिखाई दे रहा है लेकिन सांसे बड़ी बात तो यह है कि यहां अभी तक जिला प्रशासन के लोग देखने तक नही आए की घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद गांवों की हालत क्या है और बाढ़ से कितने गांव प्रभावित हो गए है। बाढ़ पीढ़ियों का आरोप है कि यहां प्रशासन के लोग नही आए है और नही कोई नाव व्यवस्था की गई है एक प्राइवेट नाव है जिससे लोग अपने संसाधन जुटाने के लिए आ रहे और जा रहे है। नाव वाले पिछले साल बाढ़ आई थी तो नाव लेकर आए थे लेकिन इस बार कोई नाव नही ला रहा है क्योंकि अब तक उन नाविकों का भुगतान तक नही किया गया है।<&sol;p>&NewLine;

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