बिहार की डेयरी को मिलेगी वैश्विक पहचान : सुरेंद्र मेहता

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; à¤¸à¥‹à¤¨à¥‚ कुमार &colon; <&sol;strong>भारतीय उद्योग परिसंघ &lpar;सीआईआई&rpar; के सहयोग से अब बिहार के डेयरी उद्योग को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी। बिहार सरकार के मत्स्य&comma; डेयरी एवं पशु संसाधन विभाग के अंतर्गत आने वाले डेयरी निदेशालय ने सीआईआई के साथ एक एमओयू &lpar;समझौता ज्ञापन&rpar; किया है। इसके साथ ही डेयरी ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट के तहत डेयरी निदेशालय और सीआईआई के बीच &&num;8216&semi;प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन पार्टनरशिप&&num;8217&semi; की औपचारिक शुरुआत गुरुवार को हुई।<br>इसको लेकर विभाग के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मत्स्य&comma; डेयरी एवं पशु संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता ने कहा कि डेयरी निदेशालय और सीआईआई के बीच यह रणनीतिक साझेदारी बिहार के डेयरी विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्री के &&num;8216&semi;सात निश्चय&&num;8217&semi; के तहत बिहार डेयरी परिवर्तन पहल को सशक्त बनाना है।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने कहा कि इसका लक्ष्य टिकाऊ डेयरी फार्मिंग को बढ़ावा देना और बाजार आधारित विकास को सुनिश्चित करना है&comma; ताकि किसानों की आय में वास्तविक बढ़ोतरी हो सके। उन्होंने कहा कि हम ऐसी व्यवस्था बना रहे हैं जिससे बिहार में बने दूध के उत्पाद दुनिया भर के बाजारों में अपनी जगह बना सकें। साथ ही&comma; दूध उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित कर बिहार को डेयरी क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इससे बिहार के डेयरी उद्योग को वैश्विक पहचान मिलेगी और किसानों की आय दोगुनी होगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>किसानों की आय होगी दोगुनी<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस मौके पर विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने कहा कि &&num;8216&semi;सात निश्चय-3&&num;8217&semi; के तहत डेयरी और मत्स्य पालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य के 24&comma;248 गांवों में डेयरी कोऑपरेटिव सोसाइटी बनाई जाएगी और 8&comma;053 पंचायतों में &&num;8216&semi;सुधा केंद्र&&num;8217&semi; स्थापित किए जाएंगे। सीआईआई के साथ मिलकर डेयरी संयंत्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी और पशुओं के नस्ल सुधार कार्यक्रम पर विशेष जोर दिया जाएगा। वर्तमान में बिहार का डेयरी नेटवर्क मुख्य रूप से पूर्वोत्तर भारत और झारखंड तक सीमित है। इसे विस्तारित कर पूर्वी उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बाजारों तक पहुंचाया जाएगा।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर तकनीकी सहायता और जनशक्ति की कमी को पूरा करने के लिए हर पंचायत में पशु सहायकों की नियुक्ति की जाएगी&comma; जो डेयरी और मछली पालन दोनों क्षेत्रों में मदद करेंगे। सीआईआई इस परियोजना में उत्पाद मार्केटिंग और स्ट्रेटजी के स्तर पर सहयोग प्रदान करेगी&comma; जिससे बिहार के डेयरी उत्पादों की पहुंच पूरे भारत में सुनिश्चित हो सकेगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस मौके पर कॉम्फेड के प्रबंध निदेशक समीर सौरभ&comma; सीआईआई बिहार के उपाध्यक्ष अखिल कोछार समेत कई अन्य ने भी अपने विचार रखे।<&sol;p>&NewLine;

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