हेरिटेज वॉक से बिहार म्यूजियम बिएनाले 2025 का आगाज

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम के साथ बिहार म्यूजियम बिएनाले-2025 का शुभारंभ बुधवार की सुबह हेरिटेज वॉक के आयोजन से हुआ। इस वॉक की शुरुआत सुबह 6&colon;30 बजे पटना म्यूजियम से हुई&comma; जिसे बिहार संग्रहालय के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस वॉक में 600 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया&comma; जिनमें स्कूली छात्र&comma; इतिहासप्रेमी&comma; कला-संरक्षक और नागरिक शामिल थे। वॉक का मार्ग पटना म्यूजियम से बिहार म्यूजियम तक तय किया गया&comma; जिसमें प्रतिभागियों ने एक घंटे तक ऐतिहासिक धरोहरों को निहारा और उनके इतिहास को जाना। इस वर्ष बिएनाले की थीम &OpenCurlyQuote;ग्लोबल साउथ&colon; साझी विरासत’ रखी गई है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>स्कूली बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ लिया हिस्सा-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस अवसर पर अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि बिहार की कला&comma; संस्कृति और इतिहास को जानने के लिए बिहार म्यूजियम जरूर आएं&comma; विशेषकर बच्चों को अपनी धरोहर से जुड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पाटलिपुत्र कभी पूरे भारत की राजधानी था। नालंदा&comma; विक्रमशिला&comma; तेलहारा जैसे स्थलों की खुदाई में कई अद्भुत पुरावशेष मिले हैं&comma; जो बिहार की प्राचीनता का प्रमाण हैं। इन्हीं पुरावशेष को सुरक्षित रखने के लिए इस वॉक का आयोजन किया गया है। हेरिटेज वॉक के दौरान पटना हाईकोर्ट&comma; दुलर्भ भवन और बिहार म्यूजियम जैसे ऐतिहासिक स्थलों की वास्तुकला&comma; स्थापना&comma; विशेषताओं आदि की जानकारी प्रतिभागियों को दी गई। इस वॉक में बच्चों ने &OpenCurlyDoubleQuote;धरोहर हमारी क्या मांगे – थोड़ा सम्मान&comma; थोड़ा प्यार&comma; पूरी सफाई” जैसे संदेश वाली तख्तियों के साथ शांति और उत्साहपूर्वक भाग लिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>कल सीएम करेंगे उद्घाटन-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बता दें&comma; बिहार म्यूजियम की ओर से हर दो वर्ष पर आयोजित होने वाले इस बिएनाले का यह तीसरा संस्करण है। इससे पूर्व 2021 और 2023 में इसके सफल आयोजन हो चुके हैं। इस बार इसका उद्घाटन 7 अगस्त को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा किया जाएगा&comma; जिसमें देश-विदेश के राजनयिक&comma; क्यूरेटर&comma; विद्वान और कलाकार शामिल होंगे। अपर निदेशक अशोक कुमार सिन्हा ने बताया कि यह दुनिया का पहला बिएनाले है जो पूरी तरह म्यूजियम्स पर केंद्रित है। इसे बिहार म्यूजियम के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित किया जाता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>कई देश ले रहे हैं भाग-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस बार बिएनाले में इंडोनेशिया&comma; श्रीलंका&comma; कजाखस्तान&comma; इथियोपिया&comma; मैक्सिको&comma; अर्जेंटीना&comma; इक्वाडोर&comma; पेरू&comma; वेनेजुएला और भारत समेत ग्लोबल साउथ के देशों के प्रतिष्ठित संस्थान भाग ले रहे हैं। ये देश अपनी समृद्ध विरासत की झलकियों के माध्यम से वैश्विक सांस्कृतिक संवाद को नया आयाम देंगे। यह महोत्सव 31 दिसंबर तक चलेगा और पटना को एक बार फिर विश्व सांस्कृतिक मानचित्र पर प्रतिष्ठित करने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा।<&sol;p>&NewLine;

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