बिहार बंद का भारतीय लोकहित पार्टी ने किया विरोध, कहा- बंद से विकास रुकता है!

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित।<&sol;strong> 9 जुलाई को आहूत बिहार बंद का भारतीय लोकहित पार्टी &lpar;बीएलपी&rpar; ने कड़ा विरोध किया है&period; पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरुदेव प्रेम ने कहा कि बंद किसी समस्या का समाधान नहीं&comma; बल्कि नया संकट खड़ा करता है&period; इससे सबसे ज्यादा नुकसान व्यापारियों&comma; करदाताओं और आम जनता को उठाना पड़ता है&period; 1 दिन के बिहार बंद से केंद्र को जाने वाली कर का नुकसान की भरपाई कौन करेगा जो देश के विकास में खर्च होता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>गुरुदेव प्रेम ने कहा कि बिहार बंद से वैश्य&comma; व्यापारी और करदाता समाज को सीधा आर्थिक नुकसान होता है&period; एक दिन के बंद से राज्य का राजस्व घटता है&comma; वैट के माध्यम से होने वाली आय बाधित होती है&period; गाड़ियां नहीं चलेंगी&comma; पेट्रोल-डीजल की बिक्री ठप रहेगी&comma; और विकास से जुड़ी गतिविधियां थम जाएंगी। उन्होंने आगे कहा कि बंद के कारण आमजन की आवाजाही प्रभावित होगी&comma; बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचने में परेशानी होगी&comma; ऑपरेशन और इलाज टलेंगे&period; यह सब जनविरोधी है और प्रदेश की आर्थिक सेहत के लिए खतरनाक है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बीएलपी अध्यक्ष ने दो टूक कहा कि &&num;8220&semi;हमारी पार्टी किसी भी मुद्दे पर बंद के समर्थन में नहीं है&period; बंद से जनता को परेशानी होती है&comma; देश और राज्य को आर्थिक क्षति होती है&period; जनता सब समझती है और अब बंद राजनीति से दूरी बना रही है। भारतीय लोकहित पार्टी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह 9 जुलाई के बिहार बंद का न तो समर्थन करती है और न ही उसमें भाग लेगी।<&sol;p>&NewLine;

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