फुलवारी शरीफ में कहार के कंधे पर बड़ी देवी जी की विदाई

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; अजित &colon;<&sol;strong> फुलवारी शरीफ में विजया दशमी की शाम फुलवारी शरीफ के दुर्गा स्थान सदर बाजार में बड़ी देवी जी की प्रतिमा का कहार के कंधे पर विदाई निकली तो सभी लोगों की आंखें नम हो गई&period; लोगों ने पुष्प वर्षा कर बड़ी देवी जी की विदाई बेला में उमड़े श्रद्धालुओं का स्वागत किया&period; हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं में बड़ी देवी जी को जय माता दी के जय घोष के साथ विदा किया&period; इससे पहले महिलाओं एवं पुजारी जी ने माता का खोइंचा भराई भी किया&period; बड़ी देवी जी की विदाई पारंपरिक तरीके से आरती उतारकर की गई&period; इस दौरान 12 कहार माता के प्रतिमा को कंधे पर लेकर नगर को भ्रमण करने निकले हर तरफ से पुष्प वर्षा कर लोगों ने माता को अंतिम विदाई दी&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> सदर बाजार दुर्गास्थान से कहार के कंधे पर निकली प्रतिमा चुनौती कुआ शहीद भगत सिंह चौक टमटम पड़ाव सहित सभी प्रमुख मार्गो से होता हुआ प्रखंड मुख्यालय स्थित तालाब में पहुंचा जहां वहां बड़ी देवी जी की प्रतिमा का विसर्जन किया गया&period; पूजा समिति के लोगों का कहना है कि करीब 100 साल पहले ब्रिटिश काल में स्वतंत्रता सेनानी मोतीलाल ने सदर बाजार दुर्गास्थान में माता की प्रतिमा स्थापना करने की परंपरा को शुरूआत किया था&period; उस जमाने में बेटी की विदाई डोली पर कहार के कंधों पर होती थी उसी तरीके से माता की विदाई कहार के कंधों पर किया जाने लगा जो आज तक चला आ रहा है&period;<&sol;p>&NewLine;

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