वर्ल्ड हार्ट डे पर जागरूकता दौड़, डॉक्टरों ने बताया गोल्डेन आवर में इलाज से बच सकती है हार्ट अटैक मरीज की जान

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजीत।<&sol;strong> वर्ल्ड हार्ट डे के अवसर पर कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया&comma; बिहार चैप्टर की ओर से मंगलवार को हृदय रोग के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए जागरूकता दौड़ का आयोजन किया गया&period; दौड़ की शुरुआत जेपी गोलंबर से हुई और प्रतिभागी गांधी मैदान स्थित गांधी मूर्ति तक पहुंचे&period; इसमें करीब 50 चिकित्सकों के साथ एम्स पटना की पूरी टीम&comma; मेडिकल छात्र&comma; नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल हुए।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>गांधी मैदान पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने मॉर्निंग वॉक के लिए पहुंचे लोगों से बातचीत कर हृदय रोग के लक्षणों&comma; बचाव और समय पर उपचार के महत्व की जानकारी दी&period; लोगों ने चिकित्सकों से हृदय रोग से जुड़े सवाल पूछे और विशेषज्ञों से जरूरी जानकारी प्राप्त की।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया&comma; बिहार चैप्टर के अध्यक्ष डॉ&period; संजीव कुमार ने बताया कि इस वर्ष वर्ल्ड हार्ट डे का विषय &OpenCurlyQuote;डोंट मिस ए बीट’ है&period; इसके तहत लोगों को हृदय रोग के लक्षणों को समय रहते पहचानने&comma; बीमारी से बचाव के लिए सक्रिय कदम उठाने और जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लेने का संदेश दिया गया&period; उन्होंने कहा कि सीने में दर्द&comma; धड़कन बढ़ना&comma; सांस लेने में परेशानी और थोड़ी देर के लिए बेहोशी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डॉ&period; यू&period;सी&period; शामल ने कहा कि हृदय रोग में गोल्डेन आवर का विशेष महत्व है&period; हार्ट अटैक की स्थिति में मरीज को समय पर ऐसे अस्पताल पहुंचाना जरूरी है&comma; जहां हृदय रोग विशेषज्ञ और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों&period; समय पर उपचार मिलने से गंभीर स्थिति में भी मरीज की जान बचाने में मदद मिल सकती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डॉ&period; अरविंद कुमार ने कहा कि &OpenCurlyQuote;हार्ट की सुरक्षा&comma; सबकी सुरक्षा’ के संदेश को जनजीवन का हिस्सा बनाने की जरूरत है&period; हृदय को स्वस्थ रखने के लिए खान-पान पर नियंत्रण&comma; भोजन में अधिक कोलेस्ट्रॉल से बचाव तथा मधुमेह और उच्च रक्तचाप को नियंत्रित रखना जरूरी है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डॉ&period; विपिन कुमार ने कहा कि हृदय रोगों के उपचार और प्रबंधन में आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के माध्यम से लगातार नई संभावनाएं विकसित हो रही हैं&period; हालांकि बीमारी होने के बाद उपचार के साथ बचाव पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया&comma; बिहार चैप्टर के सचिव डॉ&period; अशोक कुमार ने तनाव से दूर रहने की सलाह दी&period; उन्होंने कहा कि खासकर युवा वर्ग पढ़ाई&comma; करियर और नौकरी को लेकर तनाव में रहता है&period; तनाव को नियंत्रित रखना भी हृदय स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जागरूकता दौड़ में डॉ&period; चंद्र केतु&comma; डॉ&period; लक्ष्मी सिन्हा&comma; डॉ&period; हितेश आर&period;&comma; डॉ&period; विनय कुमार यादव&comma; डॉ&period; आमिर सोहेल&comma; डॉ&period; बलराम कुमार मौर्या&comma; डॉ&period; सात्विक शुक्ला&comma; डॉ&period; निधि मुखी&comma; डॉ&period; मोनिका झा&comma; हर्षिका मृणाल&comma; द्रवेश झा और राजीव रंजन सहित अन्य चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी शामिल हुए&period; पूर्व एमएलसी डॉ&period; दीपक ठाकुर ने भी जागरूकता दौड़ में हिस्सा लिया।<&sol;p>&NewLine;

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