विश्व किडनी दिवस पर मेदांता पटना में जागरूकता कार्यक्रम, विशेषज्ञों ने दी किडनी स्वास्थ्य की अहम जानकारी

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; अजीत। <&sol;strong>विश्व किडनी दिवस के अवसर पर जय प्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल&comma; पटना में किडनी स्वास्थ्य को लेकर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर अस्पताल के नेफ्रोलॉजी और यूरोलॉजी विभाग के विशेषज्ञों ने किडनी से जुड़ी बीमारियों&comma; उनके कारण&comma; बचाव और आधुनिक उपचार सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान डाइटीशियन टीम द्वारा किडनी मरीजों के लिए सही खान-पान और जीवनशैली के महत्व पर एक विशेष शैक्षणिक सत्र भी आयोजित किया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डॉ&period; के&period;एम&period; साहू ने कहा कि विश्व किडनी दिवस का उद्देश्य लोगों को किडनी की सेहत के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि आज के समय में मधुमेह&comma; उच्च रक्तचाप&comma; अनियमित जीवनशैली और जंक फूड के बढ़ते सेवन के कारण 30-40 वर्ष के युवाओं में भी क्रॉनिक किडनी डिजीज &lpar;CKD&rpar; के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। समय पर जांच और सही जीवनशैली अपनाकर इस बीमारी से काफी हद तक बचाव संभव है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>विशेषज्ञों ने बताया कि किडनी खराब होने के शुरुआती लक्षणों में पैरों में सूजन&comma; बार-बार पेशाब आना&comma; पेशाब में झाग या खून आना&comma; थकान&comma; भूख कम लगना और ब्लड प्रेशर का बढ़ना शामिल हैं। अक्सर लोग इन्हें सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं&comma; जिससे बीमारी गंभीर हो जाती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डॉ&period; दीपक कुमार और डॉ&period; अभिषेक रमन ने बताया कि मेदांता पटना में किडनी रोगियों के लिए अत्याधुनिक डायलिसिस सेंटर&comma; संक्रमण नियंत्रण के उच्च मानक&comma; आधुनिक तकनीक से लैस डायलिसिस मशीनें तथा अनुभवी चिकित्सा टीम उपलब्ध है&comma; जिससे मरीजों को सुरक्षित और आरामदायक उपचार मिलता है। डॉ&period; अनिल जायसवाल ने बताया कि मेदांता पटना में किडनी ट्रांसप्लांट की उन्नत सुविधा उपलब्ध है और अनुभवी सर्जिकल टीम जटिल मामलों में भी सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण कर रही है। उन्होंने कहा कि समय पर ट्रांसप्लांट से मरीज सामान्य जीवन जी सकता है और उसकी जीवन गुणवत्ता बेहतर होती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डॉ&period; प्रभात रंजन ने बताया कि यदि किसी मरीज को किडनी कैंसर या गंभीर ट्यूमर जैसी समस्या होती है&comma; तो मेदांता पटना में आधुनिक मिनिमल इनवेसिव और एडवांस सर्जिकल तकनीकों के माध्यम से उसका सफल उपचार किया जाता है। कार्यक्रम के दौरान डाइटीशियन टीम ने किडनी मरीजों के लिए संतुलित आहार&comma; नमक और प्रोटीन के संतुलित सेवन&comma; पानी की मात्रा तथा स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। अंत में विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की कि वे नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं&comma; मधुमेह और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखें&comma; पर्याप्त पानी पिएं और संतुलित आहार अपनाएं&comma; ताकि किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सके।<&sol;p>&NewLine;

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