फायर एंड सेफ्टी वीक के तहत जयप्रभा मेदांता में जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजीत।<&sol;strong> जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल&comma; पटना में 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक फायर एंड सेफ्टी वीक का आयोजन किया जा रहा है&period; इस विशेष सप्ताह का उद्देश्य अस्पताल परिसर में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना&comma; आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना तथा कर्मचारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से अधिक सक्षम बनाना है। फायर एंड सेफ्टी वीक के तहत 15 अप्रैल को अस्पताल परिसर में कई महत्वपूर्ण गतिविधियां आयोजित की गईं&period; स्टाफ एंट्रेंस पर फायर सेफ्टी इंफॉर्मेशन सेटअप लगाया गया&comma; जहां अग्निशमन उपकरणों&comma; सुरक्षा गियर्स और उनके उपयोग से संबंधित जानकारी प्रदर्शित की गई&period; इसके साथ ही अस्पताल के विभिन्न विभागों में फायर सेफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर राउंड किया गया&comma; जिसमें सुरक्षा व्यवस्थाओं&comma; उपकरणों की उपलब्धता और आपातकालीन तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम के दौरान फायर सेफ्टी अवेयरनेस मार्च भी निकाला गया&comma; जिसके माध्यम से कर्मचारियों और अन्य लोगों को अग्नि सुरक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया गया&period; वहीं स्टाफ के लिए फायर सेफ्टी प्रैक्टिकल डेमोंस्ट्रेशन सेशन आयोजित किया गया&comma; जिसमें आग लगने की स्थिति में शुरुआती प्रतिक्रिया&comma; अग्निशमन उपकरणों के सही उपयोग और सुरक्षा प्रोटोकॉल की जानकारी दी गई। इसके अलावा कर्मचारियों को कोड रेड एक्टिवेशन पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया&comma; ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत&comma; व्यवस्थित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके&period; इस अवसर पर मेडिकल डायरेक्टर डॉ&period; रवि शंकर सिंह ने कहा कि अस्पताल में फायर और सेफ्टी केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं&comma; बल्कि मरीजों&comma; उनके परिजनों और कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है&period; उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन से यह सुनिश्चित किया जाता है कि टीम हर परिस्थिति में सतर्क&comma; प्रशिक्षित और तैयार रहे। उन्होंने यह भी बताया कि जयप्रभा मेदांता में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ सुरक्षा मानकों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से समय-समय पर इस तरह के जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।<&sol;p>&NewLine;

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