समय पर आपूर्ति से बेहतर हुई है स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं की उपलब्धता

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर &colon;<&sol;strong> जिले के प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अब दवाओं की उपलब्धता में पहले की तुलना में काफी सुधार आया है। खासकर मुफ्त औषधि वाहन की शुरुआत के बाद अब स्वास्थ्य संस्थानों को समय पर दवाएं मिल पा रही हैं। इससे मरीजों को इलाज के लिये जरूरी दवाओं के लिये अब भटकना नहीं पड़ता है। निजी दवा दुकानों पर उनकी निर्भरता कम हुई है। पहले जहां जरूरी दवाओं के लिये स्वास्थ्य संस्थानों को प्रखंड व जिलास्तरीय भंडार गृह पर निर्भर रहना पड़ता था। इसके लिये संस्थानों को दवाओं के उठाव के लिये वाहन का इंतजाम भी खुद करना पड़ता था। इसके लिये उन्हें राशि पूर्व में हीं आवंटित की जाती थी। ऐसे में कभी राशि का अभाव तो कभी वाहन की अनुपलब्धता के कारण समय पर संस्थानों को दवा उपलब्ध नहीं हो पाता था। लेकिन जरूरी दवाओं के परिवहन के लिये राज्य सरकार द्वारा मुफ्त ओषधि वाहन उपलब्ध कराये जाने के बाद स्थिति में बड़ा बदलाव आया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>योजना के तहत जिले को उपलब्ध कराया गया है दो तरह के वाहन<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिला अनुश्रवण व मूल्यांकन पदाधिकारी पंकज कुमार झा ने बताया कि बिहार सरकार द्वारा शुरू की गयी मुफ्त औषधि वाहन योजना से जिले के सभी प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों को समय पर प्रयाप्त दवा उपलब्ध हो रही है। इन वाहनों की मदद से जिले के केंद्रीय भंडार से दवाओं को तय शेड्यूल के तहत प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य केंद्र व फिर वहां से संबंधित प्रखंड के एपीएचसी&comma; एचडब्ल्यूसी&comma; एसएचसी तक दवाएं पहुंचाई जा रही है। उन्होंने बताया कि जिले को दो मुफ्त औषधी वाहन उपलब्ध कराया गया है। इसमें एक एल-1 वाहन जिला औषधी भंडार गृह से सभी पीएचसी&comma; सीएचसी&comma; रेफरल व अनुमंडल अस्पताल तक दवाओं की पहुंच सुनिश्चित कराता है। इसी प्रकार एल-2 प्रकार के वाहन से प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य संस्थान से सभी एपीएचसी&comma; एचडब्ल्यूसी&comma; एचएससी तक दवाओं की पहुंच आसान हुई है। इससे दवा की आपूर्ति व्यवस्था में न सिर्फ गति आई है&comma; बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ी है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>मरीजों को मुफ्त दवा उपलब्ध कराना हुआ है आसान<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अररिया पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ पीके निराला ने बताया कि पहले हमें अपने स्तर से दवाओं का उठाव करना पड़ता था। कई बार वाहन नहीं मिलता था। तो कभी गोदाम से समन्वय में दिक्कत आती थी। लेकिन अब औषधि वाहन के जरिये समय पर दवाएं मिल जाती हैं। अब मरीजों को मुफ्त दवाएं उपलब्ध कराना आसान हो गया है। समय पर दवाओं की आपूर्ति से संस्थान के प्रति आम लोगों विश्वास बढ़ा है। इलाज के लिये आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>सभी संस्थानों को समय पर उपलब्ध हो रही है दवाएं<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डीपीएम स्वास्थ्य संतोष कुमार ने कहा कि मुफ्त ओषधि वाहन की मदद से जीवनरक्षक दवाओं के साथ-साथ बुखार&comma; खांसी&comma; मधुमेह&comma; उच्च रक्तचाप जैसी आम बीमारियों की दवाएं भी सभी संस्थानों को समय पर उपलब्ध हो रही है। इससे स्टॉक की जानकारी रियल टाइम में उपलब्ध हो जाती है। उन्होंने बताया कि मार्च 2025 तक एल-1 वाहन के माध्यम से दवाओं की शत प्रतिशत उपलब्धि रही है&period; वहीं एल-2 वाहन से 70 फीसदी दवाएं स्वास्थ्य संस्थानों को उपलब्ध कराया गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में आया है सकारात्मक बदलाव<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने बताया कि दवा आपूर्ति व्यवस्था में आये इस सुधार से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं अधिक प्रभावी हुई हैं। सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर लोगों का भरोसा बढ़ा है। जो स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव का संकेत है।<&sol;p>&NewLine;

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