क्रय केंद्रों पर कोटेदारों के ऊपर अधिकारियों के द्वारा दबाव बनाया जा रहा की गोदाम पर बोरा नही दिए तो होगी कार्यवाही

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>बलिया&comma; à¤¸à¤‚जय कुमार तिवारी<&sol;strong> &colon; बांसडीह तहसील क्षेत्र के सहतवार में राजकीय क्रय केन्द्र बांसडीह के नाम से खुला है जहां राजकीय क्रय केन्द्र पर अब खरीदारी शुरू हो गई है एक तरफ जहां बोरे के अभाव में खरीदारी नही हो पा रही थी लेकिन अधिकारियों ने कोटेदारों से वार्ता कर बोरे की समस्या से अभी निजात मिली है लेकिन कोटेदारों के बोरे से गेहूं की खरीद पूरी नहीं की जा सकती है। क्योंकि काफी संख्या में खरीद करनी है हालांकि बोरे को लेकर टेंडर प्रक्रिया चल रही है जल्द ही पूरी कर ली जायेगी। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वही कमलेश सिंह कोटेदार मल्हौवा ने बताया कि अधिकारियों का दबाव है कि जल्द बोरा लेकर गोदाम पर पहुंचीए तो हम बोरा लेकर आए है लेकिन बोरे का पैसा नही मिलता है 2021 में हम लोग चार सौ बोरे को लेकर गोदाम पर दिए थे और आज तक बोरे का पैसा नही मिला।हम तो कोटेदार है हम तो नही बताएंगे की ऐसा क्यों होता है हम लोग मार खाते है और रोते भी नही है जो बोरा कोटेदारों के द्वारा दिया जाता है उसकी कोई रेट की जानकारी नही है कि किस रेट से सरकार बोरे का भुगतान करेगी।अगर कोटेदार समय से बोरा लेकर क्रय केंद्रों पर नही पहुंचते है तो अधिकारियों के द्वारा धमकियां दी जाती है कि उचित कार्यवाही की जाएगी।दुकान चलाना है तो डर लगता है अगर दुकान नही चलाना होता तो नही डर लगता।<&sol;p>&NewLine;

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