BSF कैंप के भीतर था उग्रवादियों को हथियार सप्लाई करने वाला सौदागर, 5 गिरफ्तार

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>झारखंड&lpar;न्यूज़ क्राइम24&rpar;&colon; <&sol;strong>एंटी टेररिस्ट स्क्वॉयड ने उग्रवादियों और अपराधियों को हथियार सप्लाई करनेवाले गिरोह का पर्दाफाश किया है&period; देश के पांच राज्यों बिहार&comma; महाराष्ट्र&comma; पंजाब&comma; राजस्थान और मध्यप्रदेश में अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी के बाद पांच लोगों को गिरफ्तार किया है&period; इस पूरे अभियान के दौरान अब तक कुल नौ लोगों को पकड़ा गया है&period; इनमें बीएसएफ का एक जवान और एक सेवानिवृत्त जवान भी शामिल है&period; झारखंड की आईजी अभियान ए वी होमकर ने दावा किया है कि हथियार सप्लायरों के खिलाफ यह आज तक की सबसे बड़ी कामयाबी है&period; हथियार तस्करों के पास से 9 हजार राउंड से ज्यादा कारतूस&comma; 14 आधुनिक पिस्टल&comma; 21 मैगजीन सहित कई सामान बरामद किये गये हैं&period; आईजी अभियान ने कहा कि यह गिरोह झारखंड सहित पूरे देश में नक्सलियों और संगठित अपराधियों को हथियार की सप्लाई करता था&period; झारखंड एटीएस के एसपी प्रशांत आनंद ने बताया कि इस गिरोह का किंगपिन बीएसएफ के 116 बटालियन से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले चुका अरुण कुमार है&period; <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एटीएस की टीम ने उसकी निशानदेही पर पंजाब के फिरोजपुर में स्थित बीएसएफ बटालियन के कैंप के अंदर छापामारी कर एक अन्य बीएसएफ जवान कार्तिक बेहरा को गिरफ्तार किया और उसके पास से 8304 राउंड कारतूस बरामद किया&period; इन कारतूसों का इस्तेमाल इंसास&comma; एके-47 सहित अन्य हथियारों में किया जाता था&period; इसके अलावा महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश की सीमा पर स्थित बुलढाना में की गयी छापामारी में 14 पिस्टल&comma; 21 मैगजीन बरामद किये गये&period; यहां तीन लोग गिरफ्तार किये गये&period; इस गिरोह से मिले लिंक्स के आधार पर देश की दूसरी सुरक्षा एजेंसियां कई ठिकानों पर छापामारी कर रही हैं&period; इस पूरे अभियान का नेतृत्व एएसपी कपिल चौधरी कर रहे थे&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बता दें कि 13 नवंबर को अपराधी अविनाश कुमार उर्फ चुन्नू शर्मा&comma; पिता- जयराम शर्मा&comma; सा०-परसिया&comma; थाना-इमामगंज&comma; जिला-गया &lpar;बिहार&rpar;&comma; जो सीआरपीएफ 102 बटालियन का आरक्षी है&comma; को इमामगंज से गिरफ्तार किया गया था&period; पूछताछ के क्रम में अविनाश ने अपने सहयोगियों ऋषि कुमार&comma; पिता इन्द्रनाथ सिंह&comma; सा-बेनीपुर&comma; थाना-सालिमपुर&comma; जिला-पटना एवं पंकज कुमार सिंह&comma; पिता-श्यामनंदन सिंह&comma; सा-सिमरी&comma; थाना-सकरा&comma; जिला-मुजफ्फरपुर &lpar;बिहार&rpar; हा०मो०-आजादनगर&comma; भूली&comma; जिला-धनबाद के भी इस कारोबार में जुड़े होने की जानकारी दी थी&period; इस कड़ी पर कार्य करते हुए ऋषि कुमार की गिरफ्तारी उसके पटना स्थित घर से हुई दोनों गिरफ्तार अपराधकर्मियों से पूछताछ के उपरान्त उनकी निशानदेही पर एटीएस द्वारा दिनांक 14 नवंबर को 450 चक्र इसांस की गोली बरामद की गई थी&period; इन्हीं दोनों अपराधकर्मियों द्वारा अपने सहयोगी तथा एम्युनेशन सप्लायर पंकज कुमार सिंह के संबंध में विस्तृत रूप से बताने पर रांची से पंकज कुमार सिंह की गिरफ्तारी की गई तथा उसे जेल भेजा गया है&period; अविनाश&comma; ऋषि एवं पंकज की गिरफ्तारी के पश्चात आतंकवाद निरोधी दस्ता को इस गिरोह से जुड़े अन्य व्यक्तियों तथा हथियार एवं कारतूस के अलग-अलग स्रोतों के संदर्भ में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई&period;<&sol;p>&NewLine;

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