रानीगंज सीओ के खिलाफ डीएम को दिया आवेदन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">अररिया&comma; रंजीत ठाकुर।<&sol;mark><&sol;strong> रानीगंज अंचल कार्यालय में कथित रूप से अधिकारी&comma;कर्मी एवं बिचौलिए के मिलीभगत से गांव के भोली-भाली जनता से अंचल से सम्बन्धित कार्यों के निष्पादन के नाम पर व्यापक पैमाने पर लुट-खसौट जारी है। बताया जा रहा है&comma;कि रानीगंज अंचल के अंचलाधिकारी के द्वारा बिना चढ़ावा का कोई भी कार्य भूधारियों का नहीं हो रहा है। रानीगंज अंचल के अंचलाधिकारी के इस मनमाने रवैए से नाराज राजद के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी अविनाश मंगलम ने जिला पदाधिकारी को आवेदन देकर लुट-खसौट पर अंकुश लगाने की मांग की है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> आरोप है कि रानीगंज अंचल में कार्यरत प्रभारी अंचलाधिकारी चेतना कुमारी के द्वारा कोई भी जनप्रतिनिधि या फिर आम आदमी का फोन रिसीव नही किया जाता है‌। कहा ये भी जाता है कि वे हमेशा कार्यालय से गायब हीं रहती है और सिर्फ शाम के समय खानापूर्ति के लिए भी&period; सी&period; में भाग लेने आती है। और भी&period; सी&period; खत्म होने के बाद सीधे अपने आवास के लिए निकल जाती है। बताया जाता है कि इनका सारा कार्य निजी आवास पर हीं चलता है। आमजन हो या जनप्रतिनिधि 25 से 30 किलोमीटर की दूरी से अपनी समस्या लेकर आते हैं और सीओ कार्यालय में नहीं मिलने पर निराश होकर घर चले जाते हैं। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>यही रवैया राजस्व कर्मचारी का है इन लोगों के द्वारा भी निजी आवास लेकर पंचायत से संबंधित सारा काम का निपटारा बिचौलिए के माध्यम से करवाया जाता है व कार्यालय का सरकारी कागजात भी इन लोग के द्वारा निजी आवास में प्राइवेट व्यक्ति के घर पर रखा जाता है। बताया जाता है कि सभी सरकारी कागजात का देखभाल राजस्व कर्मचारी के प्राइवेट बिचौलिए करते हैं&comma;और सारा सरकारी काम बिचौलिया हीं करता है। कहा जाता है कि बिचौलिए आमजनों को लूट कर बड़े आराम की जिंदगी बिता रहे हैं। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जबकि दूसरी ओर गरीब लोग दर-दर की ठोकर खाने को मजबूर हैं। बताया जाता है&comma;कि बहुत सारे लोगों के जमाबंदी को लाल कलम से घेर दिया गया है। जमाबंदी को किसने घेरा है इसका जवाब ना अंचलाधिकारी के पास है और ना हीं राजस्व कर्मचारी के पास। इतना हीं नहीं अंचल में कार्यरत सीआई का भी फोन हमेशा बंद रहता है। सीआई का भी कोई स्थायी कार्यालय नहीं है। आखिर इन लोगों का कामकाज कहां चलता है। यह एक बड़ा सवाल है। उन्होंने पूरे प्रकरण का जांच कर कारवाई का मांग किया है। साथ हीं अंचल से निर्गत होने वाले सभी प्रमाण पत्र में भी सीओ के मिलीभगत से अवैध उगाही का भी जिक्र आवेदन में किया गया है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>आवेदन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री बिहार&comma;उपमुख्यमंत्री बिहार&comma;भू -राजस्व मंत्री बिहार को भी दिया गया है। बताते चलें कि रानीगंज अंचल क्षेत्र के विभिन्न पंचायत के ग्रामीणों ने पूर्व में भी अंचल से सम्बन्धित कार्यों के निष्पादन में विभागीय अधिकारी&comma;कर्मी के द्वारा मोटी रकम वसूली किये जाने के विरुद्ध आवेदन दिया है। मगर लुट-खसौट पर अंकुश नहीं लग सका है। इधर प्रभारी सीओ चेतना कुमारी ने बताया कि मेरे ऊपर लगाए गए सारे आरोप बेबुनियाद है। वहीं इस संबंध में जब जिला पदाधिकारी इनायत खान से उनके मोबाईल फोन के माध्यम से उनसे सम्पर्क करने की कोशिश की गई&comma; सम्पर्क नहीं हो पाया। वहीं इस मामले में डीडीसी संजय कुमार ने बताया कि मामले की कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर जांचोपरांत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।<&sol;p>&NewLine;

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