अपना खेत बगान फाउण्डेशन कम लागत में गुणवत्तापूर्ण फल उत्पादन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बिहार में अपना खेत बगान फाउण्डेशन&comma; कम्पनी रजिस्ट्रेशन एक्ट के सेक्सन 8 अंतर्गत पंजीकृत एक गैर लाभकारी &lpar;A Not-for-Profit&rpar; कम्पनी है। यह किसानों को खेती के नवीनतम तकनीक से अवगत कराने के साथ ही उनके उत्पाद को सम्मानजनक मूल्य मिल सके इसके लिए विपणन &lpar;बिकी&rpar; में भी सहयोग प्रदान करता है। हम किसानों के आम के बगीचे के वैज्ञानिक ढंग से प्रबंधन का भी कार्य करते हैं&comma; जिससे उन्हें कम लागत में गुणवत्तापूर्ण फल उत्पादन प्राप्त हो सके।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;newscrime24&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2024&sol;05&sol;img-20240504-wa00048855492597538325496-840x630&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-58867" &sol;><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>आम के बगानों के वैज्ञानिक ढंग से देखभाल के विभिन्न चरण-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>1 सर्वप्रथम सितम्बर-अक्टुबर माह में आम के पेड़ के तनों को चूना से पुताई की जाती है&comma; जिससे<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>हानिकारक लार्वा तने पर नहीं चढ़ सकें।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<ol class&equals;"wp-block-list" start&equals;"2">&NewLine;<li>पेड़ों में पोषक तत्त्व प्रबंधन &lpar;Nutrition Management&rpar; अंतर्गत कुल पाँच &lpar;5&rpar; बार &lpar;अगस्त&comma; सितम्बर&comma; नवम्बर&comma; जनवरी एवं मार्च&rpar; पोषक तत्त्वों का छिड़काव किया जाता है।<&sol;li>&NewLine;<&sol;ol>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>3 छिडकाव के वक्त श्रमिकों को हानिकारक रसायनो से बचाव के लिए सभी आवश्यक उपाय किये जाते हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<ol class&equals;"wp-block-list" start&equals;"4">&NewLine;<li>जल प्रबंधन अंतर्गत बगानों में में ड्रीप इरीगेशन सिस्टम की स्थापना करवाई जाती है&comma; जिससे पानी का बर्बादी को रोका जा सके तथा सभी पेड़ों को आवश्यकतानुसार जल मिल सके।<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>फलों को फूट फ्लाई से बचाने के लिए जनवरी-फरवरी माह में फरोमोन ट्रैप का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें नर कीट फंस कर मर जाते हैं जिससे मादा कीट अण्डा देने में असमर्थ हो जाती है<&sol;li>&NewLine;<&sol;ol>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>फलस्वरूप फूट पलाई कीटों की आबादी धीरे-धीरे कम होने लगती है। 6&period; जब फल 60-70 प्रतिशत तक मैच्योर हो जाते हैं तब फलों में फूट प्रोटेक्शन बैग &lpar;बैगिंग&rpar; का इस्तेमाल किया जाता है। इसके प्रयोग से फलों पर हानिकारक रसायनों के छिड़काव का असर कम हो जाता है&comma; धूप और पानी से बचाव होने के कारण फलों में चमक आ जाती है और उससे बाजार<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मूल्य में ईजाफा होता है। 7&period; फलों की तुड़ाई डंठल सहित करवाया जाता है जिससे आम का दूध फलों पर लग कर उसकी गुणवता को प्रभावित नहीं कर सके।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<ol class&equals;"wp-block-list" start&equals;"8">&NewLine;<li>बगीचे में ही फलों की ग्रेडिंग कर दी जाती है तथा उच्च क्वालिटी के फलों को अलग कर लिया जाता है।<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>फलों की तुड़ाई हमेशा प्रातः काल में ही किया जाता है।<&sol;li>&NewLine;<&sol;ol>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>गुणवत्तापूर्ण फलों को अपना खेत द्वारा देश के अलग-अलग 18 राज्यों में बिकी के लिए उपलब्ध कराया जाता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>देश के किसी भी एयरपोर्ट सिटी में सीतामढ़ी जिला के किसानों का आम बिक्री के लिए उपलब्ध है। आप स्वंय के लिए या अपने किसी खास के लिए आम की बुकिंग कर सकते हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>आम सुरक्षित आपके घर तक पहुँच जाएगा।<&sol;p>&NewLine;

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