भरगामा में धड़ल्ले से चल रहा पशु तस्करी का कारोबार

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर<&sol;strong> भरगामा थाना क्षेत्र में इन दिनों पशु तस्करी का धंधा जोरों पर है। जहां पशु तस्कर रात की बात कौन कहे दिन के उजाले में धड़ल्ले से तस्करी का धंधा संचालित कर रहे हैं। तस्करी के लिए पशुओं की ढुलाई पिकअप के साथ-साथ टीपर से होती है। सड़कों व खेतों में टहलने वाले बेसहारा मवेशियों को तस्कर एक से दो हजार रुपये लेकर कत्लखानों में पहुंचा दे रहे हैं। मांस कारोबारियों को अब गोवंश खरीदने के लिए पशुपालक के घर भी नहीं जाना पड़ता है। तस्कर आस-पास घूम रहे बेसहारा मवेशियों को पिकअप में लादकर दिन के उजाले में कत्लखाने तक पहुंचा देते हैं। इसके बदले उन्हें प्रति मवेशी एक से दो हजार रुपये मिलते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक सुकेला से सैफगंज जाने वाले&comma;सुकेला से रानीगंज जाने वाले&comma;सुकेला से सुपौल जाने वाले रास्ते में प्रत्येक सप्ताह खासकर शनिवार को दिन के उजाले में पिकअप गाड़ियों से पशुओं का खेप गाय&comma;भैंस&comma;बकरी&comma;बकरा बिना किसी रोक टोक के पार होता है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बताया जाता है इन गाड़ियों के इंश्योरेंस&comma;फिटनेस सब फेल रहता है फिर भी इन्हे रोकने वाला कोई नहीं है। सूत्र बताते हैं कि भरगामा थाना क्षेत्र के महथावा&comma;भरगामा&comma;सुकेला आदि बाजारों से पशु तस्करों का गिरोह पशु लदे वाहनों को भरगामा थाना के रास्ते से होकर बांग्लादेश ले जाते हैं। लोगों का माने तो पुलिस प्रशासन की कथित चुप्पी के चलते यह धंधा धड़ल्ले से संचालित हो रहा है। इस संबंध में फारबिसगंज प्रभारी डीएसपी सह मुख्यालय डीएसपी फखरे आलम ने कहा कि मुझे इस बारे में पता नहीं है। अब संज्ञान में लाया गया है तो नजर रखी जाएगी।<&sol;p>&NewLine;

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