दत्तक ग्रहण : जानिए दत्तकग्रहण के क्या नियम

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> जिलाधिकारी पटना शीर्षत कपिल अशोक द्वारा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा दत्तक ग्रहण के संबंध में जारी मार्गदर्शिका 2022 के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए तीन बच्चों का दत्तक ग्रहण आदेश जारी किया गया l दत्तकग्रहण प्रक्रिया में जाने वाले तीन बच्चों में से दो बच्चे सहोदर-भाई बहन हैं । सृजनी&comma; विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान&comma; पटना में आवासित बालिका को कलकत्ता के दम्पति द्वारा गोद लिया गया तथा सृजनी&comma; विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान के माध्यम से दत्तक ग्रहण की समस्त प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत सहायक निदेशक&comma; जिला बाल संरक्षण इकाई के द्वारा विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान एवं बाल देखने संस्थान&lpar;SAA-CCI&rpar; लिंकेज के तहत बालिका गृह &lpar;आशा किरण&rpar; में आवासित बालिका तथा बाल गृह &lpar;अपना घर&rpar; में आवासित उसके भाई को मुंबई के दत्तकग्रही एकल माता को गोद दिया गया ।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>SAA-CCI लिंकेज के तहत छः वर्ष से अधिक बालकों के दत्तकग्रहण का पटना में यह 08 वाँ मामला है तथा सहोदर बच्चों के दत्तकग्रहण का पटना जिला में यह पहला मामला है । पूर्व में दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया फैमिली कोर्ट से पूर्ण होती थी&comma; प्रक्रिया को सुगम बनाने हेतु किशोर न्याय &lpar;बालकों की देखरेख और संरक्षण&rpar; अधिनियम 2015 में संशोधन करते हुए जिलाधिकारी को दत्तक ग्रहण आदेश जारी करने हेतु प्राधिकृत किया गया ।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>जानिए दत्तकग्रहण के क्या नियम हैं-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>दत्तक ग्रहण की यह है प्रक्रिया<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कोई भी ऐसा दंपत्ति जिसकी शारीरिक एवं मानसिक स्थिति सुदृढ़ हो बच्चा गोद लेने के लिए पात्र हो सकता है&comma; यदि उन्होंने कम से कम दो वर्ष का स्थिर वैवाहिक जीवन व्यतीत किया हो तथा दत्तक ग्रहण हेतु दोनों की आपसी सहमती जरुरी है। अलग-अलग उम्र वाले दंपत्ति को अलग &&num;8211&semi; अलग उम्र के बच्चे की पात्रता होती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>दत्तक ग्रहण की समस्त प्रक्रिया ऑनलाइन है । कोई दत्तक ग्राही माता पिता केंद्रीय दत्तक ग्रहण प्राधिकरण &lpar;CARA&rpar; के पोर्टल पंजीकरण कर गोद लेने की प्रक्रिया में सम्मिलित हो सकते हैं । इसके लिए एक फोन नंबर&comma; पैन कार्ड तथा ई मेल आईडी की आवश्यकता होती है । इसके उपरांत नजदीकी विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान द्वारा दत्तक ग्राही माता पिता का होम स्टडी रिपोर्ट तैयार किया जाता है । इस पोर्टल पर दत्तक ग्राही माता पिता अपनी एलिजिबिलिटी चेक कर सकते हैं । इस वेबसाइट के अतिरिक्त किसी व्यक्ति&comma; अस्पताल अथवा नर्सिंग होम से बच्चा गोद लेना गैर कानूनी है । जिला अंतर्गत गोद लेने हेतु विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान अथवा जिला बाल संरक्षण इकाई से संपर्क किया जा सकता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>किसी परित्यज बच्चे के प्राप्त होने के उपरांत बच्चे को 24 घंटे के अंदर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करने तथा कारा के वेबसाइट पर 24 घंटे के अंदर पंजीकरण करने का प्रावधान है । इसके उपरांत बच्चे का विज्ञापन प्रकाशित कर कोई दावेदार नहीं होने की स्थिति में बाल कल्याण समिति द्वारा कानूनी रूप से दत्तक ग्रहण हेतु मुक्त करने का प्रावधान है । बच्चे की दंपत्ति के साथ ऑनलाइन मैचिंग&comma; एडोप्शन कमिटी की बैठक तथा जिला पदाधिकारी के समक्ष दत्तक ग्रहण संस्थान की ओर से वाद दायर करने का प्रावधान है। जिलाधिकारी के द्वारा लिए गए निर्णय के उपरांत गोद देने की कार्रवाई पूर्ण होती है। माता पिता के द्वारा बच्चा प्राप्त करने के उपरांत दो साल तक नजदीकी विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान द्वारा फॉलो अप किया जाता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बच्चा कानूनी रूप से गोद ले l किशोर न्याय अधिनियम 2015 यथा संशोधित 2021 एवं दत्तकग्रहण विनियम 2022 में निहित प्रावधानों एवं प्रक्रिया को अपनाए बिना किसी भी अनाथ&comma; प्ररित्यक्त अथवा अभ्यर्पित बच्चे को किसी भी व्यक्ति को अवैध तरीके से गोद लेना&sol;देना दंडनीय अपराध है&comma; जिसके लिए तीन साल तक का कारावास या 1 लाख रूपये का जुर्माना अथवा दोनों हो सकता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<ol class&equals;"wp-block-list">&NewLine;<li>किसी भी बच्चे को खरीदना&sol;बेचना एक दंडनीय अपराध है जिसके लिए 5 साल तक का सश्रम कारावास एवं लाख के दंड का प्रावधान है।<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>किसी भी अनाथ&comma; परित्यक्त अथवा खोए हुए बच्चों के प्राप्त होने या सूचना मिलने पर संबंधित जानकारी चाइल्ड लाइन सेवा &lpar;इमरजेंसी हेल्प लाइन नं०- 1098&rpar;&comma; &lpar;आपातकालीन सहायता नं०-112&rpar;&comma; नजदीकी पुलिस स्टेशन को दे।<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>संबंधित जानकारी बाल कल्याण समिति&comma; अपना घर ललित भवन के पीछे&comma; पुनाईचक&comma; बेली रोड&comma; पटना अथवा जिला बाल संरक्षण इकाई&comma; विकास भवन&comma; गाँधी मैदान&comma; पटना से सम्पर्क करें अथवा www&period;cara&period;wcd&period;gov&period;in को देखें।<&sol;li>&NewLine;<&sol;ol>&NewLine;

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