350वीं शहीदी नगर कीर्तन यात्रा के लिए स्वागत समिति का भी गठन किया जाएगा

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना साहिब&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> 350वीं शहीदी शताब्दी को समर्पित पटना साहिब से निकली महान &OpenCurlyDoubleQuote;शस्त्र यात्रा” के स्वागत हेतु तालमेल समिति का गठन एस&period;जी&period;पी&period;सी&period; की 350वीं शहीदी नगर कीर्तन यात्रा के लिए अलग स्वागत समिति का भी गठन किया जाएगा।श्री अमृतसर साहिब&colon; श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की 350वीं शहीदी शताब्दी को समर्पित&comma; तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब प्रबंधक समिति द्वारा संगतों के सहयोग से आयोजित की गई महान &OpenCurlyDoubleQuote;शस्त्र यात्रा” अब पंजाब पहुँच रही है। यह ऐतिहासिक यात्रा तख्त श्री पटना साहिब से आरंभ होकर तख्त श्री केसगढ़ साहिब&comma; श्री आनंदपुर साहिब तक पहुँचेगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>संगत से अपील की गई है कि पंजाब पहुँचने पर इस यात्रा का भव्य स्वागत किया जाए। स्वागत की तैयारियों को लेकर शिरोमणी अकाली दल &lpar;पुनः सुरजीत&rpar; के प्रधान जथेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह द्वारा पाँच सदस्यीय तालमेल समिति का गठन किया गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस समिति में एस&period;जी&period;पी&period;सी&period; सदस्य जथेदार जर्नैल सिंह करतारपुर&comma; जथेदार महिंदर सिंह हुसेनपुर&comma; जथेदार सतविंदर सिंह टौहड़ा&comma; जथेदार निर्मैल सिंह जोला और एस&period;जी&period;पी&period;सी&period; के पूर्व सचिव बलविंदर सिंह जोड़ा को शामिल किया गया है। श्री जोड़ा सभी सदस्यों के साथ समन्वय का कार्य संभालेंगे। यह पाँच सदस्यीय समिति यात्रा के प्रबंधों और संगत द्वारा किए जाने वाले स्वागत की तैयारियों को चरणबद्ध तरीके से संपन्न करेगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>यह पवित्र यात्रा देश के नौ विभिन्न राज्यों से होकर गुजर चुकी है और &OpenCurlyDoubleQuote;हिंद की चादर” श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की अद्वितीय कुर्बानी तथा सिख कौम की शहादत की परंपरा का संदेश पूरे देश में पहुँचा रही है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>यात्रा में श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी और अन्य गुरु साहिबानों की पवित्र निशानियाँ भी सम्मिलित हैं&comma; जिनकी हज़ूरी में संगतें अरदास और कीर्तन दरबारों के माध्यम से अपनी श्रद्धा प्रकट कर रही हैं। यह यात्रा न केवल गुरु साहिबानों के उपदेशों को घर-घर पहुँचाने का संदेश दे रही है&comma; बल्कि सिख कौम के इतिहास और दर्शन के बारे में भी जनजागृति फैला रही है।<&sol;p>&NewLine;

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