संभावित टीबी मरीजों को चिह्नित करने के उद्देश्य से हुआ विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर<&sol;strong> जिले में टीबी उन्मूलन अभियान के तहत टीबी मुक्त पंचायत निर्माण की पहल की जा रही है। इसे लेकर संभावित टीबी रोगियों की पहचान व उनके समुचित उपचार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को पलासी प्रखंड अंतर्गत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पकड़ी में विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन पलासी पीएचसी प्रभारी डॉ जहांगीर आलम के नेतृत्व में किया गया। आयोजित शिविर के संबंध में स्थानीय आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा समुदाय में लोगों को पूर्व में जानकारी दी गयी थी। लिहाजा शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। शिविर में जरूरतमंद लोगों का टीबी सहित अन्य स्वास्थ्य जांच करते हुए उन्हें जरूरी दवाएं नि&colon;शुल्क उपलब्ध कराया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>टीबी जांच व उपचार को दिया जा रहा बढ़ावा<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पीएचसी पलासी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ जहांगीर आलम ने बताया कि टीबी मुक्त पंचायत अभियान के तहत प्रखंड क्षेत्र के पकड़ी व कनखूदिया पंचायत का चयन किया गया है। चिह्नित पंचायतों में सक्रिय रोगी खोज अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के क्रम में आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर संभावित टीबी मरीजों को चिह्नित करते हुए उनका समुचित जांच व उपचार सुनिश्चित कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसे लेकर संबंधित कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इसी कड़ी में एचडब्ल्यूसी पकड़ी में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किये जाने की जानकारी उन्होंने दी। उन्होंने बताया कि शिविर में टीबी से मिलते जुलते लक्षणों वाले दर्जनों लोगों को चिह्नित कर जांच के लिये उनका बलगम लिया गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>रोग के लक्षण व बचाव की दी गयी जानकारी<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बीएचएम चंदन कुमार ने बताया कि शिविर में विशेषज्ञ स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा स्थानीय लोगों को टीबी के विभिन्न लक्षण खांसी&comma; बुखार&comma; वजन कम होना&comma; भूख नहीं लगना जैसे लक्षणों के प्रति जागरूक किया गया। स्थानीय लोगों को रोग के कारण व इससे बचाव की जानकारी दी गयी। मिलते-जुलते लक्षण होने पर लोगों को तत्काल जांच व उपचार के लिये प्रेरित किया गया। शिविर में लोगों के स्वास्थ्य संबंधी अन्य मामलों की जांच कर जरूरी दवा वितरित किये जाने की जानकारी उन्होंने दी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>सामुदायिक भागीदारी व जागरूकता जरूरी<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिला टीबी रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ वाईपी सिंह ने बताया कि सरकार वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाने के प्रति प्रतिबद्ध है। टीबी को जड़ से खत्म करने के लिये सामुदायिक भागीदारी व जागरूकता दो सबसे महत्वपूर्ण पहलू हैं। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि टीबी से मिलते जुलते लक्षण होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंच कर अपना जांच करायें। उन्होंने कहा कि संभावित मरीजों की पहचान व समय पर उनका उपचार सुनिश्चित कराने में विशेष शिविर का आयोजन बेहद महत्वपूर्ण है। भविष्य में ऐसे अन्य स्थानों पर भी इस तरह के शिविर आयोजित किये जाने की जानकारी उन्होंने दी।<&sol;p>&NewLine;

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