एसजीजीएस महाविद्यालय में “मैं पटना हूं” एक व्याख्यान संपन्न

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पटनासिटी&lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> श्री गुरु गोबिंद सिंह महाविद्यालय&comma;पटना सिटी में प्राचीन भारतीय एवं एशियाई अध्ययन विभाग के द्वारा &&num;8220&semi;मैं पटना हूं&&num;8221&semi; एक व्याख्यान संपन्न हुआ। विभागाध्यक्ष डॉ अंबुज किशोर झा ने अपने विस्तृत विवेचना प्रस्तुत किया। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने अपना मैं पटना हूं पर अपना सारगर्भित भाषण दिया। उन्होंने कहा कि पुरातात्विक&comma; साहित्यक&comma; धार्मिक एवं विदेशी यात्रा वृतांत को पटना का गौरवमई इतिहास की जानकारी प्राप्त होता है। पटना का प्राचीन नाम पाटली ग्राम एवं पाटलिपुत्र था। पाटलिपुत्र का अर्थ गुलाब होता है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>गंगा&comma; सोन नदी के दो याव पर बसे इस नगर के आसपास उस समय गुलाबों की खेती खूब होती थी। इसलिए इसे पावापुरी एवं कुसुमपुर के नाम से भी जाना जाता है। राजा पत्रक को पटना का जनक कहा जाता है। उन्होंने अपने व्याख्यान में इतिहासकार वी&period;पी&period; सिंह &comma; डॉक्टर युगल किशोर मिश्रा एवं डॉ विमल किशोर मिश्राका नाम प्रमुखता से लिया तथा कहा कि मौर्य समाज के उत्कर्ष के बाद पाटलिपुत्र सत्ता का केंद्र बन गया। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने कहा कि पवित्र गंगा नदी के दक्षिणी तट पर बसे इस को लगभग 25000 वर्ष पूर्व से वर्तमान समय तक अनंत नामों से जाना जाता है। जो निम्न प्रकार से है। पाटली ग्राम&comma; पालीनपुर&comma; बैठना&comma; पटना साहिब&comma; जयकंधर नगर&comma; पटना सिटी इत्यादि। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने पटना में अवस्थित सभी प्राचीन स्थलों का जिक्र किया। विषय प्रवेश डॉ सुनील कुमार गुप्ता विभागीय शिक्षक ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन नैक समन्वयक डॉ विकास कुमार ने किया । इस अवसर पर डॉ ज्योति शंकर सिंह&comma; डॉ संजय कुमार श्रीवास्तव&comma; डॉ उमेश कुमार&comma; डॉ अखिलेश कुमार&comma; डॉ एस&period;टी&period;असलम&comma; डॉ पुष्पा सिन्हा&comma; डॉ रेशमा सिन्हा&comma; डॉ मीनू मिंज&comma; डॉ विनय कुमार अंबेडकर&comma; डॉ राजन कुमार&comma; सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इधर महाविद्यालय के राजनीति शास्त्र विभाग के नेतृत्व में महाविद्यालय के पुस्तकालय भवन में क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । प्रतियोगिता को सभी लड़कों को दो गट में विभाजित किया गया एक गट का नाम महात्मा गांधी गट तथा दूसरे गट का नाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस था ।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>दोनों गट से भारतीय संविधान तथा अंतरराष्ट्रीय संबंधों से संबंधित बीस बीस प्रश्न पूछे गए। सभी बच्चों ने उत्साह पूर्वक सभी प्रश्नों का उत्तर दिया। विशाल कुमार&comma; नितिन राज&comma; कुमार हर्ष कुमार सिंह&comma; मुस्कान&comma; मो लेध &comma;सुभाष चंद्र गट के तथा गांधी घाट के निशांत कुमार सिंह&comma; मुकेश कुमार&comma; चितरंजन&comma; अजीत कुमार&comma; मुकेश कुमार&comma; को विजेता घोषित किया गया ।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> इस अवसर पर डॉ अनिल कुमार सिंह&comma;डॉ उमेश कुमार&comma; डॉ विकास कुमार&comma; प्रमुख डॉ अमरेंद्र नाथ त्रिपाठी उपस्थित सभी छात्र छात्राओं ने महाविद्यालय के द्वारा आयोजित इस प्रकार के कार्यक्रम की भूरी भूरी प्रशंसा की तथा भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजन की मांग की। विभागाध्यक्ष डॉ ज्योति शंकर सिंह सभी छात्र छात्राओं के मांग को उचित ठहराया तथा इस तरह के कार्यक्रम को चलाने का आश्वासन दिया।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

जिलाधिकारी ने ‘सड़क सुरक्षा माह-2026’ के विजेताओं को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित

कैदियों को तनाव कम करने एवं खेलकूद से जोड़ने को लेकर क्रिकेट मैच का भी उद्घाटन

जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में जिला अनुकम्पा समिति की बैठक आहूत की गई