चिकित्सक की लापरवाही से महिला शिक्षिका की गई जान

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>बिहार शरीफ&comma; à¤°à¤¾à¤•ेश &colon;<&sol;strong> रामचंद्रपुर स्थित माता कुंती देवी मेमोरियल हॉस्पिटल में गॉलब्लैडर का सर्जरी कराने गई 48 वर्षीय शिक्षिका मधु वर्मा की चिकित्सक की लापरवाही से मौत हो गई मृतका मधु वर्मा के भाई चंद्रगुप्त पासवान परिजनों ने बताया कि बच्चेदानी के ऑपरेशन के लिए माता कुंती देवी मेमोरियल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था&period; सर्जरी से पूर्व कराए गए सभी जांच नॉर्मल पाए गए इसके बाद डॉक्टर के द्वारा महिला को सर्जरी के लिए ऑपरेशन थिएटर में डॉ मुकेश कुमार ले गए&period; <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जहां करीब ऑपरेशन थिएटर में 2 घंटा रखने के बाद बिना ऑपरेशन किया बाहर निकले और उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई थी जिसके बाद डॉक्टर मुकेश कुमार के द्वारा दीपनगर थाना के समीप नोबल हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया&period; परिजनों को अंदेशा है कि डॉक्टर मुकेश कुमार ने सर्जरी से पहले बेहोशी के लिए एनेस्थीसिया का इंजेक्शन दिया जाता है&comma; परंतु डॉक्टर मुकेश ने ही उन्हें एनेस्थीसिया का ओवरडोज दे दिया जिससे उनकी मृत्यु हो गई उन्होंने कहा कि इस तरह के चिकित्सकों से समाज को खतरा है और बिना नॉलेज के लोगों के जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं&period; इसलिए सरकार से मांग करते हैं कि इनका मेडिकल लाइसेंस रद्द किया जाए और इन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि इस तरह के घटना किसी और के साथ आगे ना घटित हो&period;<&sol;p>&NewLine;

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