74वां गणतंत्र दिवस मना, शान से लहराया तिरंगा

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">गया&lpar;अरुणजय प्रजापति&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> बिहार झारखंड की सीमा पर स्थित छकरबंधा कभी नक्सलियों का गढ़ हुआ करता था। जहां एक तरफ नक्सलीयो ने अपनी किलेबंदी कर रखी थी और दूसरी और सुरक्षाबलों के लिए यहां तक पहुंचन्ना बेहद मुश्किल था।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;newscrime24&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2023&sol;01&sol;1674776742468-840x472&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-41030" &sol;><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> परंतु 205 कोबरा वाहिनी नक्सलियों के माद में घुसकर निरंतर नक्सल विरोधी अभियान चलाए और छकरबंधा के दुर्गम क्षेत्रों से माओवादियों को सफलतापूर्वक निकाल कर आज फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस पचरुखीया में 74वां गणतंत्र दिवस शानदार तरीके से मनाया गया। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>श्री विमल कुमार बिष्ठ&comma; डीआईजी पटना रेंज&comma; सीआरपीएफ द्वारा ध्वजारोहण किया गया। इस मौके पर उन्होंने श्री कैलाश कमांडर 205 कोबरा तथा उपस्थित सभी अधिकारियों अधीनस्थ अधिकारियों व जवानों को 74 वां गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने अपने संबोधन में गणतंत्र दिवस के महत्व व गौरव के बारे में बताया। सीआरपीएफ के विजेताओं के नाम पढ़े। अंत में इस अवसर पर जवानों को मिठाई वितरण की गई।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>74वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर सीआरपीएफ को तीन सौर्य चक्र 48 वीरता से सम्मानित किया गया। जिसमें से 21 वीरता पद केवल 205 कोबरा वाहिनी के जवानों को प्रदान किए गए। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>श्री विमल कुमार बिष्ट&comma; डीआईजी सीआरपीएफ ने इस महान उपलब्धि के लिए सभी पदक प्राप्तकर्ताओ और उनके परिवार को बधाई दी है। और कामना की है कि देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने में इनके द्वारा दिए गए योगदान दूसरे के लिए प्रेरक सिद्ध होंगे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>205 कोबरा बटालियन के द्वारा छकरबंधा जंगली क्षेत्र में लगातार चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान से नक्सलीयो को भारी मात्रा में नुकसान उठाना पड़ा और उनकी कमर तोड़कर रख दी। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिसके चलते अपने नक्सल अपने छकरबंधा जैसे छोड़कर किसी अन्य इलाके में शरण लेने को मजबूर हो गए हैं। 205 कोबरा बटालियन की निरंतर प्रयासों से कई महत्वपूर्ण माओवादियों को गिरफ्तार किया गया और उनका आत्मसमर्पण करने हेतु मजबूर किया गय।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>विगत वर्ष चलाए गए विभिन्न नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान बड़ी मात्रा में गोला बारूद&comma; अत्याधुनिक हथियार&comma; युद्ध संबंधित सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुएं व रासन बरामद किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>छकरबंधा कि इलाको स नक्सलियों के सफाए के बाद से आसपास के गांव में रहने वाले लोग बहुत खुस है।और डर का माहौल पूरी तर खत्म हो चुका है। इस इलाके में कानून का राज स्थापित हो चुका है और सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है।<&sol;p>&NewLine;

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