एमडीए अभियान की सफलता में 300 नर्सिंग की छात्र-छात्राएं देंगे अपना योगदान

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> फाइलेरिया काफी गंभीर व घातक बीमारी है। बेशक&comma; इस बीमारी से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं होती है। पर उनकी जिंदगी की चुनौतियाँ कई गुना बढ़ जाती है। कल्पना कीजिए कोई बच्चे&comma; जवान और महिलाओं के पैर में पांच से दस किलो का वजन रहेगा। उस वजन के साथ उसे चलने या सीढ़ी चढ़ने तथा अन्य प्रकार के काम में क्या-क्या परेशानियों होती होगी। उनका ये कष्ट बयां नहीं किया जा सकता है। ये बातें शुक्रवार को श्री भागवत प्रसाद सिंह मेमोरियल कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग के छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन आयोजित कार्यशाला में डब्ल्यूएचओ के स्टेट को-आर्डिनेटर &lpar;एनटीडी&rpar; डॉ&period;राजेश पांडेय ने कही।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>बिहार के सभी 38 जिलों में फाइलेरिया बीमारी का है प्रसार<&sol;strong>&colon;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डॉ&period; पांडेय ने कहा कि बिहार में 38 जिले हैं। जिनकी कुल आबादी लगभग 13 से 14 करोड़ होगी। बिहार के सभी जिलों में फाइलेरिया बीमारी का प्रसार है। इस प्रसार को रोकने के लिए सरकार प्रतिवर्ष सर्वजन दवा सेवन अभियान चलाती है। ताकि हमारे राज्य से फाइलेरिया बीमारी का उन्मूलन हो सके। इसी मुहिम की सफलता के लिए 10 फरवरी से राज्य के 24 जिलों में सर्वजन दवा सेवन &lpar;एमडीए&rpar; अभियान की शुरुआत हो रही है। जो अगले 17 दिनों तक चलेगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>तीन वर्ग के लोगों को नहीं खिलानी है दवा&colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डॉ&period; राजेश पांडेय ने कहा कि सर्वजन दवा सेवन अभियान के दौरान दो वर्ष से कम उम्र&comma; गर्भवती महिलाएं और गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति कहने का तात्पर्य यह हुआ कि जो व्यक्ति एक दम बेड पर पड़ा है। वैसे व्यक्ति को ये दवा नहीं खिलायी जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य के दस जिलों में आईडीए और 14 जिलों में एमडीए अभियान चलाया जाएगा। जिन जिलों में आईडीए अभियान चलाया जाएगा। वहीं तीन दवाएं खिलायी जाएगी। जिसमें आईबरमेक्टीन&comma; डीईसी और अल्बेंडाजोल शामिल है। और जहां एमडीए अभियान है&comma; वहां लोगों को दो दवाएं डीईसी और अल्बेंडाजोल खिलायी जाएगी। ये बातें याद रखनी है कि अल्बेंडाजोल की गोली सभी को चबाकर खानी है। साथ ही खाली पेट दवा नहीं खानी है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>नर्सिंग की छात्र—छात्राएं फाइलेरिया रोधी दवा खिलाने में निभाएंगे सहायक भूमिका&colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डॉ&period; पांडेय ने कहा कि यह अपने-आप में काफी गर्व की बात है कि बिहार से फाइलेरिया बीमारी के उन्मूलन के लिए नर्सिंग की छात्र-छात्राएं ने स्वयं आगे आकर सर्वजन दवा सेवन अभियान में सकारात्मक भूमिका निभा रहें हैं। यह इस अभियान की सफलता में एक अहम कड़ी साबित होगा। ये छात्र-छात्राएं अपने जिले के प्रखंड के गांव-गांव जाकर आशा दीदी के साथ स्वस्थ लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाने में अपनी महती भूमिका निभाएंगे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>श्री भागवत प्रसाद सिंह मेमोरियल कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग के निदेशक अभय कुमार सिंह ने कहा कि सर्वजन दवा सेवन अभियान के दौरान नर्सिंग की छात्र-छात्राएं लोगों को घर-घर जाकर दवा का सेवन सुनिश्चित कराएंगे। सतह ही ये छात्र-छात्राएं समाज के वैसे लोगों को भी दवा सेवन कराने में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएंगे&comma; जो दवा खाने से इंकार कर देते हैं। इस मुहिम के दौरान वैसे लोगों विशेष ध्यान दिया जाएगा। कार्यशाला में सीफार के प्रतिनिधि रंजीत कुमार&comma; कॉलेज के प्राचार्या निकी कुमारी समेत सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद थे।<&sol;p>&NewLine;

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