सालाना उर्स मेला में आने वाले जायरीनों के सुविधाओं के लिए 24 घंटे बिजली पानी की आपूर्ति

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">फुलवारी शरीफ&comma; अजीत।<&sol;mark><&sol;strong> राजधानी पटना के प्रसिद्ध फुलवारी शरीफ में खानकाह मुजिबिया में लगने वाले सालाना उर्स मेला में पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन यानी यौम ए पैदाइश के मुबारक मौके पर मुए मुबारक की जियारत में देश-विदेश से आने वाले जायरीनों को हर तरह की सुविधाओं को उपलब्ध कराने के लिए फुलवारी शरीफ नगर परिषद पूरी टीम के साथ दिन रात तत्पर रहेगी &period;सोमवार की देर शाम नगर परिषद फुलवारी शरीफ के तमाम वार्ड पार्षदों के खानकाह मुजिबिया प्रबंधन के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वार्ड पार्षद मोहम्मद मिनहाज ने बताया कि खानकाह मुजिबिया के प्रबंधक हजरत मौलाना मिनहाजुद्दीन कादरी मुजिबी के साथ बैठक हुईं&period; उर्स में आने वाले देश विदेश के जायरिनो को किसी तरह की असुविधा ना हो इसके लिए उनके साथ पूरे विस्तार से जानकारियां उपलब्ध कराया गया &period; नगर परिषद 24 घंटे दिन रात बिजली पानी एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का निर्बाध रूप से आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तैयार है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>खानकाह मुजिबिया के प्रबंधक हजरत मौलाना मिनहाजुद्दीन कादरी मुजीबी ने बताया कि 11 रवि उल अव्वल को खानकाह मुजिबिया गद्दीनशी पीर हजरत मौलाना आयतुल्लाह कादरी खानकाह मुजिबिया के संस्थापक हजरत मौलाना ताजुल आरफीन की दरगाह पर चादर कोशिश करेंगे&period; इसके दूसरे दिन 12वीं रवि उल अव्वल को देश-विदेश से आने वाले जायरीन को मुए मुबारक की जियारत कराई जाएगी एवं चादरपोशी की रस्म अदायगी होगी &period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने बताया की उर्स में 11वीं रबी उल अव्वल शरीफ 27 सितंबर को सहर के समय 03&colon;30 बजे हजरत ग़ौसुल-आज़म सैय्यिदना शेख़ अब्दुल कादिर जीलानी का कुल और फातिहा के बाद महफिल ए शमा और उसके बाद सुबह फ़ज़र की नमाज़ होगी<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>12वीं रबी उल अव्वल शरीफ &lpar;28 सितंबर&rpar; ज़ोहर की नमाज़ 02&colon;30 बजे&comma; फिर मू ए मुबारक&comma; पैग़म्बर मुहम्मद &lpar;सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम&rpar; की ज़ियारत&comma; जो लगभग 1&period;5 घंटे होती है&period;ज़ियारत के समापन के बाद&comma; असर की नमाज़ और इख़्तेतामि मजलिस का कार्यक्रम &period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने बताया की महिलाओं के लिए&comma; ज़नाना खाने में ज़ियारत के लिए 12वीं रबी उल अव्वल शरीफ &lpar;28 सितंबर&rpar; को सुबह 7&colon;00 बजे से 10&colon;00 बजे तक अलग व्यवस्था है&period;इसके बाद पुरुषो की जियारत होगी&period;<&sol;p>&NewLine;

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