फुलवारी में निकला 207वाँ माता की डाली

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित।<&sol;strong> राजधानी पटना के सटे सबसे पुराने स्थलों में एक फुलवारी शरीफ कसबे के रूप से आज के शहरीकरण में ढल जाने के बाद भी अपनी पुरखो की सभ्यता संस्कृति को नही भुला पाया है&period; लगातार हो रही बारिश के बावजूद फुलवारी शरीफ प्रखंड कार्यालय के सामने संगत पर स्थित सन 1818 ई में स्थापित श्री श्री देवी स्थान मंदिर &lpar; काली मंदिर &rpar; से निकलने वाली प्रसिद्द माता की डाली &lpar;खप्पड़ &rpar; पूजा देखने और इसमें शामिल होने दूर दराज से लाखों श्रद्धालु पहुंचे&period; रुक-रुक कर तेज और हल्की वर्षा के बीच भी श्रद्धालुओं का उत्साह फीका नहीं पड़ा&period; पूरा शहर जय माता दी के जयकारे से गुजता रहा&period;रैपिड एक्शन फोर्स और कई थानों की भारी संख्या में पुलिस फोर्स के मुस्तैदी के बीच खप्पड़ पूजा का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया&period; माता की डाली &lpar;रैपिड एक्शन फोर्स और कई थानों की भारी संख्या में पुलिस फोर्स के मुस्तैदी के बीच खप्पड़ पूजा का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया&period; माता की डाली&lpar; खप्पड़&rpar;निकालने के पहले ही पूर्व विधायक अरुण मांझी सांसद रामकृपाल यादव सहित कई जनप्रतिनिधि अधिकारी बड़ी संख्या में वीआईपी श्रद्धालुओं ने माता का दर्शन पूजन किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>रविवार को फुलवारी शरीफ के प्रखंड कार्यालय के सामने स्थित माता शीतला मंदिर&lpar;काली मंदिर &rpar; से सैंकड़ो वर्षो पुरानी परम्परानुसार भव्य खप्पड़ &lpar;माता की डाली &rpar; निकाली गयी&period; निर्धारित समय 7&colon;30 बजे मंदिर के पुजारी जितमोहन पंडित अपने हाथों में खप्पड़ में जलते हुए अग्नि को लेकर दौड़ लगाना शुरू किए&comma; उनके पीछे-पीछे लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं का जन सैलाब पारंपरिक हथियार तलवार त्रिशूल भला लाठी लेकर माता के जयकारे लगाते दौड़ पड़े&period;भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रद्धालुओं का अपार् जन समूह जय माता दी जय काली मां जय माता दी किनारे लगाते खप्पड़ पूजा भ्रमण में शामिल हुए&period; इस अलौकिक दृश्य को देखने लोग सड़क किनारे खड़े रहे होकर अभीभूत होते रहे&period; सदर बाजार से जब खप्पर गुजरा तब पुष्प वर्षा लोगों ने अपने घरों से की&period; नेशनल हाईवे 139 मुख्य मार्ग पटना फुलवारी खगौल से होकर खप्पड़ टमटम पड़ाव चौराहा सदर बाजार पुरानी भट्ठी मोड़ होकर वापस करीब आधे घंटे से भी कम समय में मंदिर परिसर पहुंचा और खप्पर डाली पूजा का समापन हो गया&period;खप्पड़ पूजा नगर भ्रमण के दौरान चौराहा पर नगर परिषद अध्यक्ष आफताब आलम अपनी टीम के साथ वहां मौजूद रहे और माता कि डाली खप्पड़ लिए पुजारी जी और श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत किया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मंदिर समिति के अध्यक्ष देवेंद्र प्रसाद ने बताया कि माता के डाली खप्पर पूजा में लाखों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और फुलवारी शरीफ शहर आसपास के इलाके के लोगों के बीमारी मुक्त होने की प्रार्थना की&period;इसके बाद मंदिर में आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया&period;दस दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में अंतिम दिन देवी डाली पूजा खप्पर पुजा का आयाेजन होता है&period;वर्ष 1818 में मां देवी ने जब महामारी से मुक्ति के लिए पूजा करने की बात बताई थी तब झमेली बाबा ने मां देवी की आराधना शुरू की और पूजा हवन की अग्नि से निकले धुएं से ही ग्रामीण क्षेत्रों से महामारी का प्रकोप खत्म हो गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>माता की डाली खप्पड पूजा परिक्रमा को लेकर नगर परिषद प्रशासन ने इलाके में साफ-सफाई तथा जल व लाइटिंग की व्यवस्था कर रखा था&period;आकस्मिक स्थिति में स्वास्थ्य पदाधिकारी स्वास्थ्य टीम के साथ एम्बुलेंस की व्यवस्था के साथ मौजूद रहें&period;इससे पहले आयोजन स्थल के पास पूरी तरह अवगमन रोक दिया गया था&period;एसडीएम पटना सदर&comma; सिटी एसपी पश्चिमी एसडी पीओ फुलवारी शरीफ डीएसपी सचिवालय थाना अध्यक्ष फुलवारी जानीपुर बेउर गर्दनीबाग खगौल एयरपोर्ट के साथ भारी संख्या में पुलिस फोर्स सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मुस्तैद रही&period; एस डी पी ओ प्रखंड विकास पदाधिकारी अंचल पदाधिकारी थाना अध्यक्ष मोहम्मद गुलाम सहहबाज आलम घूम घूम कर पूरे आयोजन स्थल का मुआयना करते रहे।<&sol;p>&NewLine;

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