राष्ट्रीय लोक अदालत में 1427 मामलों का निबटारा, 28 वर्ष पुराने मामले का समाधान

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> जिला व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को वर्ष 2026 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला एवं प्रधान सत्र न्यायाधीश गुंजन पांडे ने पक्षकारों के साथ संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर इसका उद्घाटन किया। इस अवसर पर अररिया की डीसी रोजी कुमारी और यातायात पुलिस उपाध्यक्ष फकड़े आलम सहित कई वरिष्ठ न्यायिक पदाधिकारी और अधिकारीगण मौजूद रहे।यह लोक अदालत राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण&comma; नई दिल्ली और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण&comma; पटना के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण&comma; अररिया द्वारा आयोजित की गई। इसका मुख्य उद्देश्य लंबित सुलहनीय मामलों का आपसी समझौते से त्वरित&comma; सुलभ और निःशुल्क निपटारा करना है&comma; ताकि लोगों को अदालती प्रक्रिया की जटिलताओं और खर्च से मुक्ति मिल सके।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;newscrime24&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2026&sol;03&sol;img-20260315-wa00091451629224625030053-840x379&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-82013"><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस लोक अदालत में कुल 16 बेंचों का गठन किया गया था। इन बेंचों पर मोटर दुर्घटना दावा&comma; बैंक ऋण&comma; चेक बाउंस&comma; पारिवारिक विवाद&comma; बिजली बिल&comma; आपसी समझौते वाले आपराधिक मामले&comma; श्रम विवाद और अन्य सिविल मामलों सहित विभिन्न प्रकार के सुलह योग्य वादों पर सुनवाई और समझौता आधारित फैसले किए जाएंगे। इस आयोजन में लगभग 3450 मामलों का निपटारा करने का लक्ष्य रखा गया है।प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुंजन पांडे ने कहा कि लोक अदालत में केवल जीत ही जीत होती है&comma; हार नहीं&&num;8221&semi;। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ऐसे मंच का अधिक से अधिक लाभ उठाएं&comma; जहां बिना वकील के भी मामले सुलझ सकते हैं।और फैसला अंतिम एवं बाध्यकारी होता है <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस आयोजन से पहले एक जागरूकता अभियान चलाया गया था।जिसमें प्रचार रथ को जिला जज द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया ताकि ग्रामीण क्षेत्रों तक लोक अदालत की जानकारी पहुंच सके। राष्ट्रीय लोक अदालत न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने का एक प्रभावी माध्यम है&comma; जो गरीब और आमजन को सस्ता और तेज न्याय प्रदान करती है।राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन से हजारों पक्षकारों को राहत मिलने और न्यायिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ने की उम्मीद है। इस दौरान 1427 सुलहनीय मामलों का निबटारा समझौते के आलोक में किया गया।राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिकाधिक मामलों के लिए 16 बैंच बनाये गये थे&period; <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इन बैंचों में न्यायिक पदाधिकारी व गैर न्यायिक पदाधिकारी के रूप में अधिवक्ता मौजूद थे।इस दौरान 28 वर्ष पुराने मामले का भी निपटारा किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में आपराधिक वादों के 606 मामले&comma; एनआई एक्ट के 03 मामले&comma; मैट्रीमोनियल के 15 केसेस&comma; बीएसएनएल&comma; मोटर व्हीकल चालान मैटर्स के 40 मामले&comma; बैंक रिकवरी के 655&comma; एग्जीक्यूटिव साइड पुराना धारा 107 सीआरपीसी नया धारा 126 बीएनएसएस के तहत 108 मामलों का निपटारा हुआ&period; वहीं&comma; जिले के सभी बैंक मिलकर 02 करोड़ 94 लाख 33 हजार 882 रुपये समझौता के तहत 01 करोड़ 72 लाख 02 हजार 897 रुपये की वसूली किया गया&period;<&sol;p>&NewLine;

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