‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ के साथ मना श्री कृष्ण जन्माष्टमी

[Edited By: Robin Raj]
सहयोगी- स्वाति तुलस्यान

पटना/पटनासिटी(न्यूज़ क्राइम 24): जन्माष्टमी का त्योहार पूरे देश में धूमधाम के साथ मनाया गया. कोरोना के कारण जिले में श्रीकृष्ण जनमाष्टमी बड़े ही सादगी के साथ मनाई गई. न कहीं झांकी निकली और न ही कहीं मेला लगा. हालांकि मंदिरों, घरों में ही भजन-कीर्तन किया गया. रात 12 बजे जैसे ही श्रीकृष्ण का जन्म हुआ तो नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की, हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की भजन से वातावरण में गूंज उठा.

श्री कृष्ण की विशेष पूजा अर्चना व मंगलकामनाएं-


वही पटना सिटी में भी जन्माष्टमी की धूम देखी जा रही है. जन्माष्टमी के मौके पर पटना सिटी में श्रद्धालुओं ने पूरी आस्था और विश्वास के साथ श्याम मंदिर में भगवान श्री कृष्ण की विशेष पूजा अर्चना कर अपने और अपने परिवार के लिए मंगलकामनाएं की. इस मौके पर श्रद्धालुओं ने पूरी निष्ठा और विश्वास के साथ भगवान श्री कृष्ण की आरती उतारी और उन्हें भोग भी लगाया. कोरोना महामारी को देखते हुए मंदिर में श्रंद्धालुओ का थर्मल स्कैनिंग के बाद प्रवेश दिया गया तो मंदिर के अंदर भी सोशल डिस्टेंसिंग का खासतौर पर ख्याल रखा गया है.

श्री कृष्णा जी का जन्म-


पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक भादो मास के अष्टमी तिथि को ही भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ था, तब से लेकर आज तक श्रद्धालु पूरी आस्था और विश्वास के साथ भगवान श्री कृष्ण का जन्म उत्सव मनाते हैं. यह त्योहार हिंदु धर्म के परंपरा को दर्शाता है व सनातन धर्म का बहुत बड़ा त्योहार है, भारत से दूर अन्य देशों में बसे भारतीय भी इस त्योहार को धूम-धाम से मनाते हैं. इस उत्सव पर ज्यादातर लोग पूरा दिन व्रत रह कर, पूजा के लिए, घरों में बाल कृष्ण की प्रतिमा पालने में रखते हैं. पूरा दिन भजन कीर्तन करते तथा उस मौसम में उपलब्ध सभी प्रकार के फल और सात्विक व्यंजन से भगवान को भोग लगा कर रात्रि के 12:00 बजे पूजा अर्चना करते हैं।