हाथरस में हुये मानवता को शर्मसार करने वाली घटना के ख़िलाफ़ एम्स के चिकित्सको ने जताया आक्रोश

पटना(अजित यादव): गुरुवार को एम्स पटना के चिकित्सकों , नर्सों एवं कर्मचारियों द्वारा हाथरस में हुये मानवता को शर्मसार करने वाली घटना के ख़िलाफ़ काफ़ी आक्रोश व्यक्त किया गया. इस घटना में संलिप्त दोषियों को त्वरित कार्रवाई करते हुए हुये कड़ी सजा देने की माँग की गई। एम्स पटना के मुख्य भवन में फ़ैकल्टी एसोसिएशन द्वारा आक्रोश प्रदर्शन आयोजित की गई जिसमें निदेशक समेत चिकित्सक , नर्सें , कर्मचारियों द्वारा दो मिनट का मौन रखते हुए पीड़िता के आत्मा को श्रद्धांजलि दिया गया । सोशल डिसटेंसिंग का पालन करते हुये कहा गया कि देश भर में महिलाओं के प्रति दुष्कर्म एवं हिंसा की घटना होते रहती है और हम विरोध कर फिर भुल जाते है । ऐसा कदम उठाने की ज़रूरत है कि ऐसी घटनाएँ न हों और दुर्बल वर्गों में आत्मविश्वास बढ़े । ऐसे समाजिक माहौल में कोई भी सुरक्षित नहीं है चाहे हमारा कैम्पस हो या सुदुर गाँव. बच्ची के प्रति भावनायें व्यक्त करते हुये निर्णय लिया गया की बच्चों की आत्म सुरक्षा के लिए कैम्पस में कराटे जैसे प्रशिक्षण शुरू किये जायें । स्कूली बच्चों-बच्चियों के लिये सुरक्षा का कार्यक्रम कराये जायें ताकि वो अपने सुरक्षा घेरे में रहें और किसी भी अवांछनीय परिस्थिति का सामना कैसे करें और गुड टच और बैड टच के बारे में सतर्क रहें । अंत में दोषियों को फाँसी दिलाने की माँग के साथ प्रदर्शन समाप्त हुआ. विरोध प्रदर्शन के दौरान एम्स पटना के निदेशक डॉ पीके सिंह सहित नोडल कोरोंना ऑफिसर डा० संजीव,डा० प्रेम कुमार ,अध्यक्ष, फ़ैकल्टी एसोसिएशन ,डा० वीणा सिंह, कार्यकारिणी सदस्य ,डॉ मुक्ता अग्रवाल डा० वीणा, डा० अरुण, डा० श्रुति, डा० मुक्ता , डा०नीरज, डा० मोनिका और डा० अमरजीत समेत अनेक चिकित्सकों ने अपने विचार प्रकट किये।