हमलावारो ने विधि व्यवस्था को बिगाड़ने का काम किया!

धनबाद : रामकनाली कांटा पहाड़ी आउटसोर्सिंग पैट्च में आये दिन खुनी संघर्ष का ड्रामा होते‌ रहता है। और आज भी बाहर से आये हमलावारो ने विधि व्यवस्था को बिगाड़ने का काम किया हैं। जो लोग दावा कर रहे हैं कि पुराने दंगलवाले लोग हैं तो कृपया वे लोग बताएं कि कांटा पहाड़ी परियोजना को शुरू कराने में अपने बाप-दादा अथवा पैतृक जमीन और मकान कितना दिए हैं?कांटा पहाड़ी परियोजना के लिए कांटा पहाड़ी राजस्व ग्राम-265 के ग्रामीणों ने आदिकाल से अपने पैतृक संपत्ति,बाप-दादा का बना हुआ मकान और जमीन दिया है तभी कोयले का उत्पादन हो रहा है.

जब से कांटा खुला तब से आज तक कांटा पहाड़ी गांव के विस्थापित बेरोजगार युवकों को लोडिंग का काम करने नहीं दिया गया और ग्रामीण रोज़गार के लिए आज भी भटक रहे हैं।प्रबन्धन भी मौन है। कांटा खुलने के बाद कोयले का अवैध धंधा भी चला। कांटा ‌पहाड़ी के ग्रामीणों के घर और जमीन से कोयला निकला जा रहा है तथा कांटा घर भी दुबे परिवार के जमीन पर बना है, इसलिए पहला हक विस्थापितों का,दुसरा परियोजना प्रभावित स्थानीय लोगों और अगल-बगल के ग्रामीण बेरोजगारों का।इन्हें भी काम मिलना चाहिए।अधिक काम की स्थिति में जरूरतमंद लोगों को काम देना चाहिए।काम एवं हेतु विस्थापित व स्थानीय युवकों करें संघर्ष,झामुमो करेगा समर्थन एवं सहयोग।विस्थापित,परियोजना प्रभावित और स्थानीय ग्रामीणों के रोजगार लिए झामुमो करेगा “कोयला और कांटा” रोको आंदोलन।