लंबे अर्से की न्यायिक लड़ाई के बाद निर्भया को मिला इनसाफ!

अररिया(सुभाष कुमार): वर्षो की न्यायिक लडाई लड़ने के बाद आखिरकार निर्भया के दोषियों को सजा मिल ही गई । जिसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सीमा पार नेपाल बिराटनगर के लोगों ने भी भारतीय न्यायायिक प्रणाली को सराहा है । जहां   निर्भया को इंसाफ मिलने व दोषी को बिना किसी कानूनी अड़चन को बाधक बनाते हुए फांसी  देने का स्वागत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया जा रहा है  ।काफी लम्बे अर्शे से  फैसले के इंतजार में रहे देश बिदेश के अधिकार कर्मी के लिये शुक्रवार  की सुबह काफी सुकून देने वाला रहा ।  निर्भया कांड हो या बक्सर की बेटी या दक्षिण  भारत की डॉक्टर बेटी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आवाज बुलंद करने व अंतरराष्ट्रीय दवाब बनाने के लिये बिभिन्न कार्यक्रम के माध्यम से आवाज उठाने  वाले भारत नेपाल सामाजिक संस्कृति मंच के अध्यक्ष राजेश कुमार शर्मा ने अपनी  प्रतिक्रिया  देते हुए कहा की देर रात तक चली अदालत की प्रक्रिया   देश मे ही नही मित्र देश नेपाल के लोगो मे भी काफी उत्यसुक्ता  थी। वही  भारतीय न्यायाय प्रणाली पर  लोगों को  पूर्ण विश्वास था जिसमें  आज निर्भया को न्याय मिला.

  • वही संस्कृति मंच की नेपाल प्रभाग की सचिव निर्मला देव ने कहा की इस फैसले से काफी सकून मिला है । संस्था के द्वारा समय समय पर निर्भया व नेपाल में ही निर्भया के तरह ही हैवानियत की शिकार हुई निर्मला पंत को भी न्याय दिलाने के लिये एक नई ऊर्जा मिली है वही इस मामले में पीड़िता को न्याय दिलाने के लिये अधिवक्ता को आभार भी जताया। 

 –  जनहित समाज विकास  की अध्यक्ष व संविधान सभा सदस्य आशा सरदार ने कहा की ऐसे कृत्य के जिमेवार को सजा में कोई राजनीति कभी नही होनी चाहिये ना  ही कोई ऐसा प्रवधान हो कि लोग बचाव के उपाय ढूंढे साथ उन्होंने  भारत सरकार से मांग की है की सुपौल की  बेटी के साथ पिछले दिनों दशहरा  के समय हुई घटना के दोषी को भी देखा जाए ।  

  • वही अम्बे मुरारी सेवा केंद्र की अध्यक्ष युवा भण्डारी ने कहा की भारत सरकार के न्यायलय के फैसले के प्रति पूर्ण रूप से संतुष्ट है ऐसा कानून नेपाल में भी होना चाहिये क्योंकि अभी भी निर्मला पंत जो नेपाल की निर्भया है उसके साथ हुए हैवानियत के दोषी को  न्याय के इंतजार  में लोग  खड़े है।  ऐसे अमानवीय कृत पर चार साल नही चार सप्ताह में फैसला लाने का भी अनुरोध किया है।
  • वही वरीय शिक्षक व अमौना मवि, के एचएम  प्रकाश चंद्र विश्वास ने कहा 

 स्त्रों में कहा गया है” यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते देवता तत्र” लेकिन दरिंदगी और दरिन्दे इसे तारतार करने में कभी भी पीछे नहीं रहता है।इस आशय का तात्पर्य है ठीक आज से सात वर्ष, तीन महीने और चार दिन पहले जब छः दरिन्दों ने धरती के भगवान के रूप में अवतरित होने वाली डॉक्टर  निर्भया के साथ गैंगरेप कर कत्ल भी कर दिया गया था।बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए माँ आशा, पिता, डॉक्टर, वकील सामाजिक कार्यकर्ता, सरकार ने लंबी कानून लड़ाई लड़कर शेष चार दरिंदों को अंततःफाँसी के तख्त पर झलवा ही डाला।

इससे तो यह साबित हो ही गया कि ऊपर वाले के घर( न्याय) में देर है पर अँधेर नहीं। इस फाँसी से ऐसे कुकर्म करने के लिए कुकर्मी सौ बार सोचना होगा।निश्चित तौर पर जिस तरह निर्भया के माता पिता ने कहा कि शर्म हमें नहीं शर्म तो उन्हें आनी चाहिए जिसने और जिसकी संतान ने इस तरह दरिंदगी करती है।

हम समाज से भी आग्रह करते हैं कि अपनी संतान का भरणपोषण ,शिक्षा ठीक तरीक़े से दें और बच्चे बुरी राह पर चलने लगे तो सही दिशा दशा का ज्ञान अवश्य दें ,जरूरत पड़ने पर सजा भी दें।

अंत में इस न्याय से न्यायपालिका पर लोगों का विश्वास और भी बढ़ा है, देश के सम्मानित वकिलों से मेरा व्यक्तिगत आग्रह है ऐसे दरिन्दों का मुकदमा न लड़े,क्योंकि सभी निर्भया की माँ नहीं हो सकती।पुनः एकबार सत्यमेव जयते।आज निर्भया की आत्मा को शांति मिली होगी।

  • मुख्य पार्षद अनिता देवी  ने कहा कि देश भर के लोग इसका इंतजार कर रहे थे। यह कानून की जीत है।  खुशी है कि निर्भया के परिवार, वकीलों की मेहनत रंग लाई। इससे माना जा रहा है कि लोगों में कानून के ​प्रति विश्वास बढ़ेगा और ऐसे अपराधों पर लगाम लगेगी।
  • वही पार्षद व मुख्य पार्षद प्रतिनिधि 

राजू  राय ने कहा आखिरकार 7 साल बाद निर्भया को इंसाफ ही मिल ।  चारों दोषियों को दिल्ली के तिहाड़ जेल में फांसी पर लटका दिया गया । यह पहला मौका है जब तिहाड़ में चार अपराधियों को एक साथ फांसी पर लटकाया गया । जैसे ही चारों दोषियों की मौत की खबर आई तो लोगों मे न्यायाय प्रति विश्वास और पुख्ता हो गया ।